Wednesday, July 29

30 जुलाई से नगर निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, सरकार के विरोध में एक्टू ने रक्सौल में निकाला मशाल जुलूस

सफाई, पेयजल, जलनिकासी व स्ट्रीट लाइट समेत शहरी सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

रक्सौल।(Vor desk)। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) के आह्वान पर नगर निकाय कर्मियों ने बुधवार की शाम रक्सौल में मशाल जुलूस निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महासंघ ने घोषणा की है कि लंबित मांगों पर सरकार द्वारा ठोस निर्णय नहीं लिए जाने की स्थिति में 30 जुलाई 2026 से राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। हड़ताल का सीधा असर सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य शहरी नागरिक सेवाओं पर पड़ सकता है।

महासंघ (एक्टू) के महामंत्री चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की तथा आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा की। जुलूस में यूनियन से जुड़े प्रमिला देवी, राजेश मल्लिक, विनोद मल्लिक, महेंद्र कुशवाहा, बलिराम प्रसाद यादव, विनोद कुमार साह, रवि राम, सीता देवी, सुनयना देवी सहित नगर परिषद के कर्मचारी, सफाईकर्मी एवं बड़ी संख्या में यूनियन सदस्य शामिल हुए।

बुधवार शाम नगर परिषद के सुविधा केंद्र से निकला मशाल जुलूस रक्सौल के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशाल लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा कई स्थानों पर टायर जलाकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।

तीन सूत्री मांगों पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान

महासंघ के महामंत्री चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि नगर निकायों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने बताया कि हाल ही में सरकार के साथ हुई वार्ता भी विफल रही। कर्मचारियों को अब भी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार से वंचित रखा गया है।

उन्होंने कहा कि महासंघ की तीन प्रमुख मांगें हैं—

  • वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण कर उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
  • नगर निकायों में लागू ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे नगर निकाय के अधीन लाया जाए। साथ ही वेतन का भुगतान सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि ठेकेदारों के माध्यम से होने वाले शोषण एवं अवैध कटौती पर रोक लग सके।
  • सभी पात्र कर्मचारियों को ईएसआई एवं ईपीएफ योजनाओं का पूर्ण लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण के तहत 29 जुलाई को मशाल जुलूस निकाला गया है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो 30 जुलाई से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण यदि नगर निकायों की सेवाएं बाधित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं संबंधित विभागीय प्रशासन की होगी।

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