
रक्सौल/मोतिहारी।(Vor desk)।रामगढ़वा के पलनवा थाना परिसर में सरकारी वाहन चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच तेज हो गई है। मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक ने पलनवा थाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने भेलाही थाना तथा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का भी दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और गश्ती व्यवस्था का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात पलनवा थाना परिसर में तैनात सरकारी वाहन चालक राजकुमार शर्मा का शव थाना भवन के पास छत से नीचे गिरा हुआ मिला था। मृतक हरसिद्धि थाना क्षेत्र के निवासी थे और पलनवा थाना में सरकारी चालक के रूप में कार्यरत थे। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और देर रात ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।एसपी द्वारा गठित जांच टीम भी जांच में जुट गई ।
घटना की सूचना मिलते ही रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद, सर्किल इंस्पेक्टर अनुज कुमार पांडे, रामगढ़वा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजीव मौआर तथा पलनवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी से वैज्ञानिक अनुसंधान टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मामला दुर्घटना का है, आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ने पलनवा थाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मौजूद अधिकारियों को निष्पक्ष, त्वरित और विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
इसके बाद एसपी ने भेलाही थाना एवं भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का निरीक्षण कर सीमा सुरक्षा, गश्ती व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सीमा पर चौकसी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ मनीष आनंद सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि चालक की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। किसी भी मामले में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
