
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल अनुमंडल अस्पताल में पिछले करीब दो माह से संचालित डायलिसिस सेवा का बुधवार को औपचारिक उद्घाटन कर दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं के साथ इस सेवा का वर्चुअल उद्घाटन किया, जबकि स्थानीय स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया।मौके पर नगर परिषद की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के पति सह भाजपा नेता राकेश कुशवाहा सहित गण मान्य,स्वास्थ्य अधिकारी आदि मौजूद रहे।
खास बात यह है कि उद्घाटन से पहले ही यह सेवा नियमित रूप से संचालित हो रही थी और पिछले करीब दो माह दो दिन में 360 से अधिक किडनी मरीजों का सफलतापूर्वक डायलिसिस किया जा चुका है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सेवा पहले ही शुरू कर दी गई थी, जबकि बुधवार को इसका विधिवत उद्घाटन किया गया।
डायलिसिस यूनिट का संचालन डॉ. मोहम्मद शब्बीर आलम के नेतृत्व में किया जा रहा है। टीम में डायलिसिस टेक्नीशियन दिलावर हुसैन, जीएनएम रवि कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। यूनिट में तीन अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन तीन शिफ्टों में नौ सत्र संचालित किए जा रहे हैं।
उद्घाटन के दिन भी तीनों शिफ्टों में कुल नौ मरीजों का डायलिसिस किया गया। इनमें धीरेन्द्र कुमार, प्रमोद महतो, अनवर आलम, सनिमा खातून, विकास यादव, साहेब पटेल, अफसाना खातून और जयप्रकाश सहित अन्य मरीज शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान एसडीओ नागमणि कुमार वर्मा ने डायलिसिस करा रहे मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि अब सीमावर्ती क्षेत्र के किडनी मरीजों को इलाज के लिए मोतिहारी, पटना या अन्य शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
मरीजों ने भी अस्पताल में ही डायलिसिस की सुविधा मिलने पर संतोष जताते हुए कहा कि इससे उनका समय, पैसा और अनावश्यक परेशानी तीनों कम हुई है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस यूनिट से रक्सौल, आदापुर, छौड़ादानो, रामगढ़वा समेत सीमावर्ती इलाके के मरीजों को सीधा लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि औपचारिक उद्घाटन के बाद सेवा का दायरा और बढ़ेगा तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।
