Sunday, July 12

रक्सौल के नए एसडीएम बने नागमणि कुमार वर्मा, आईआईटी इंजीनियर और शिक्षक के रूप में भी दे चुके हैं योगदान!

पहले ही प्रयास में BPSC में हासिल की थी 22वीं रैंक, IIT इंजीनियर से शिक्षक और फिर बने प्रशासनिक अधिकारी

रक्सौल। (VoR डेस्क)
बिहार सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत नागमणि कुमार वर्मा को रक्सौल का नया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) नियुक्त किया है। वे वर्तमान में जमुई में वरीय उप समाहर्ता के पद पर कार्यरत थे। अपनी मेधा, संघर्ष और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण नागमणि की पहचान एक प्रेरणादायी अधिकारी के रूप में रही है।

नवादा के रहने वाले हैं नागमणि


बिहार के नवादा जिले के रामनगर निवासी नागमणि कुमार वर्मा सेवानिवृत्त शिक्षक बृजनंदन प्रसाद के छोटे पुत्र हैं। उन्होंने वर्ष 2023 की बीपीएससी परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण करते हुए 22वीं रैंक प्राप्त की थी। उस वर्ष नवादा जिले से टॉप-25 में स्थान बनाने वाले वे एकमात्र अभ्यर्थी थे।

स्कूल से लेकर IIT तक शानदार शैक्षणिक सफर


नागमणि शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। वर्ष 2002 में ज्ञान भारती स्कूल से मैट्रिक परीक्षा में अव्वल रहे। इसके बाद वर्ष 2004 में पटना जाकर बीएन कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इंटर के बाद उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

कैंपस प्लेसमेंट छोड़ चुना शिक्षण का रास्ता


इंजीनियरिंग के दौरान उनका कैंपस प्लेसमेंट भी हुआ, लेकिन उन्होंने नौकरी की बजाय शिक्षण को अपना करियर बनाया। पटना में अपनी कोचिंग शुरू की और बाद में देश के विभिन्न राज्यों में जाकर आईआईटी व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने लगे। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को सफलता दिलाई।

13 साल बाद फिर शुरू की नई पारी, पहले प्रयास में बने BPSC अधिकारी


ग्रेजुएशन के करीब 13 वर्ष बाद नागमणि ने सिविल सेवा की तैयारी का निर्णय लिया। कोरोना काल में मिले समय का सदुपयोग करते हुए उन्होंने सेल्फ स्टडी और टेस्ट सीरीज के सहारे तैयारी की। बिना किसी निजी कोचिंग के उन्होंने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई। इससे पहले उन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी दी थी, हालांकि इंटरव्यू तक नहीं पहुंच सके थे।

महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर से मिलती है प्रेरणा


नागमणि कुमार वर्मा का कहना है कि कड़ी मेहनत, सही योजना और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। वे महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर को अपना आदर्श मानते हैं और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कहते हैं।

परिवार में शिक्षा का माहौल


नागमणि के बड़े भाई नागवंत कुमार वर्मा भी इंजीनियर हैं और वर्तमान में आईआईटी अभ्यर्थियों को केमिस्ट्री की तैयारी कराते हैं।

रक्सौल को नई उम्मीद


प्रशासनिक सेवा में अपनी सादगी, शैक्षणिक उत्कृष्टता और मेहनत के लिए पहचाने जाने वाले नागमणि कुमार वर्मा की नियुक्ति से रक्सौल के लोगों को बेहतर और संवेदनशील प्रशासन की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!