
: बाल विवाह की आड़ में लंबे समय से चल रहे गिरोह की गतिविधियों पर संयुक्त कार्रवाई, दूल्हे समेत चार राजस्थान निवासी गिरफ्तार; 35 वर्षीय युवक कर रहा था 14 वर्षीय बच्ची से शादी
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल-नेपाल सीमा क्षेत्र में बाल विवाह की आड़ में मानव तस्करी के एक संदिग्ध प्रयास का खुलासा हुआ है। राजस्थान का 35 वर्षीय युवक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से शादी करने के लिए रक्सौल पहुंचा था, लेकिन शादी की रस्म पूरी होने से पहले ही संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर उसे उसके तीन साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस तरह की गतिविधियां पहले से संचालित होने की आशंका है और गरीब परिवारों को पैसे, गहने व घरेलू सामान का लालच देकर नाबालिग लड़कियों की शादी कराई जाती रही है।
बुधवार को प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण को गुप्त सूचना मिली कि राजस्थान के कुछ लोग रक्सौल की एक नाबालिग लड़की का चोरी-छिपे विवाह कराकर उसे अपने साथ ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी के निर्देश पर हरैया थाना, रक्सौल थाना, मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU), एसएसबी की 47वीं वाहिनी, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, स्वच्छ रक्सौल संस्था और न्याय नेटवर्क परियोजना की संयुक्त टीम गठित कर छापेमारी की गई।
टीम जब मौके पर पहुंची तो विवाह का मंडप पूरी तरह तैयार मिला। काउंसलिंग के दौरान 14 वर्षीय नाबालिग पूजा कुमारी (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उसके परिवार द्वारा उसकी जबरन शादी कराई जा रही है। उसने यह भी बताया कि राजस्थान से आए लोग पिछले चार दिनों से रक्सौल के राजेश्वर होटल में ठहरे हुए हैं। उसकी सौतेली मां को पैसे दिए गए हैं तथा घर का सामान और गहने देने का प्रलोभन भी दिया गया था।
इसके बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने राजेश्वर होटल के कमरा संख्या-209 में छापेमारी कर राजस्थान निवासी चार लोगों को हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि विवाह करने वाला युवक 35 वर्ष का है, जबकि लड़की की उम्र महज 14 वर्ष है। पूछताछ के दौरान दूल्हा लड़की का पूरा नाम और उसके माता-पिता का नाम तक नहीं बता सका। जांच में यह भी सामने आया कि चारों आरोपी आपस में मित्र हैं और उनमें से एक व्यक्ति इस शादी की पूरी व्यवस्था करा रहा था।
संयुक्त टीम ने नाबालिग को संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से पंचायत मुखिया और सरपंच की उपस्थिति में अंडरटेकिंग ली। वहीं, राजस्थान निवासी चारों आरोपियों के विरुद्ध हरैया थाना में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 तथा मानव तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत सब इंस्पेक्टर मिंटू कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
कार्रवाई के दौरान हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान, अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, एसएसबी 47वीं वाहिनी, मानव तस्करी रोधी इकाई, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, अभिषेक कुमार, किरण वर्मा, उमेश कुमार श्रीवास्तव, आशीष कुमार, एसएसबी के खेमराज और अरविंद द्विवेदी, न्याय नेटवर्क परियोजना तथा ,स्वच्छ रक्सौल के रणजीत सिंह,साबरा खातून, मौजूद रहे।
संयुक्त जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि चोरी-छिपे विवाह कराना, दूल्हे के पक्ष से किसी परिजन का मौजूद नहीं होना, गरीब परिवार को नकद राशि, गहने और घरेलू सामान का लालच देना तथा नाबालिग की शादी की जल्दबाजी जैसे तथ्य इस पूरे मामले को मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क से जोड़ने की आशंका को मजबूत करते हैं। मामले की गहन जांच जारी है।
