
कचरे के ढेर से त्राहिमाम की स्थिति के बीच बनी सहमति, आंदोलनकारी कर्मचारी लौटेंगे काम पर
वीरगंज।(Vor desk)। वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन पर उतरे वीरगंज महानगरपालिका के सफाईकर्मियों और सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली ठेकेदार कंपनी के बीच आखिरकार समझौता हो गया है। इसके साथ ही कई घंटों से कचरे और गंदगी से जूझ रहे वीरगंज शहर ने राहत की सांस ली है।
रविवार सुबह आंदोलनरत सफाईकर्मियों ने वीरगंज के विभिन्न चौक-चौराहों और महानगरपालिका परिसर के सामने कचरा फेंककर विरोध प्रदर्शन किया था। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और कई स्थानों पर त्राहिमाम जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। शहरवासियों में संक्रमण और दुर्गंध को लेकर चिंता बढ़ने लगी थी।
वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर शुरू हुआ था आंदोलन
सफाई प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रही ठेकेदार कंपनी के अधीन कार्यरत कर्मचारियों ने दैनिक मजदूरी एक हजार रुपये तथा मासिक वेतन 30 हजार रुपये करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था। कर्मचारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य वेतन भुगतान, श्रम कानून के अनुसार साप्ताहिक अवकाश, छठ और होली जैसे प्रमुख पर्वों पर विशेष अवकाश, पारिवारिक संकट की स्थिति में अग्रिम सहायता, तथा ड्रेस और पहचान पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई थी।
कार्यवाहक मेयर के हस्तक्षेप से निकला समाधान
शहर की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वीरगंज महानगरपालिका के कार्यवाहक मेयर इम्तियाज आलम ने मामले का संज्ञान लिया और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार शिव गुप्ता को आंदोलनकारी कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शीघ्र समाधान निकालने का निर्देश दिया।
कार्यवाहक मेयर ने कहा कि महानगरपालिका की प्राथमिकता शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना और नियमित सफाई व्यवस्था को बहाल करना था। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों के साथ लगातार संवाद के बाद समाधान का रास्ता निकाला गया।
समझौते के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
महानगरपालिका के अनुसार, सफाई कर्मचारियों, ठेकेदार कंपनी और संबंधित पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है। समझौते के बाद आंदोलनकारी कर्मचारी काम पर लौटने के लिए तैयार हो गए हैं और शहर की सफाई व्यवस्था को फिर से सुचारू रूप से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शहरवासियों ने भी सफाई व्यवस्था बहाल होने पर राहत व्यक्त की है। उनका कहना है कि कुछ ही घंटों की अव्यवस्था ने यह एहसास करा दिया कि शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले सफाईकर्मियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
