
रक्सौल।(Vor desk)। भीषण गर्मी के बीच रक्सौल में जारी अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का सब्र तोड़ दिया है। पिछले 8 जून से शहर के विभिन्न इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात ऐसे हैं कि दिन में पांच से छह घंटे और रात में भी चार-पांच घंटे तक बिजली गायब रहने से लोग त्राहिमाम की स्थिति में जीने को मजबूर हैं। सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर है कि बिजली विभाग अब तक कोई सार्वजनिक रोस्टर जारी नहीं कर सका है, जिससे उपभोक्ताओं को यह पता चल सके कि कब और कितनी देर के लिए आपूर्ति बाधित रहेगी।
मंगलवार को शहर के बैंक रोड, लोहापट्टी, ग्रीन किशोर गली, सोनार पट्टी, पटेल पथ समेत मुख्य बाजार के कई हिस्सों में सुबह करीब 11 बजे से देर शाम तक बिजली गुल रही। भीषण उमस और गर्मी के बीच इन्वर्टर जवाब दे गए, मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो गया और पानी की समस्या से लोग जूझते रहे। घरों में मौजूद शिशुओं, बुजुर्गों और मरीजों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई।बताया गया कि मौजे चौक पर मेंटेनेंस कार्य के कारण बिजली गुल थी,लेकिन,शहवासियों को इसकी सूचना नहीं थी।शाम करीब छह बजे बिजली आने के बाद रात्रि 12बजे तक कम से कम तीन बार बिजली गुल हुई।एक बार में कम से कम आधा घंटे बिजली गुल थी।
लोगों का कहना है कि यदि मेंटेनेंस कार्य के लिए बिजली काटी जा रही है, तो विभाग ने इसके लिए भीषण गर्मी के इन दिनों को ही क्यों चुना? सवाल यह भी उठ रहा है कि बिना किसी पूर्व सूचना और रोस्टर के घंटों बिजली काटना आखिर किस नियम के तहत किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं का आक्रोश और बढ़ चला है।
शहरवासी पहले से ही लटकते तारों, जगह-जगह स्पार्किंग और आग लगने की घटनाओं से परेशान हैं। अब लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों के धैर्य की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है। आश्चर्य की बात यह है कि जनता की इस भारी परेशानी के बावजूद जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के अधिकांश नेता रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए हैं।
उपभोक्ताओं के लगातार विरोध के बीच विद्युत कार्यालय रक्सौल के जेई रवि कुमार ने स्वीकार किया कि तकनीकी कारणों और मानसून पूर्व मेंटेनेंस कार्य के कारण आपूर्ति बाधित की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही शहर के अन्य क्षेत्रों में होने वाली कटौती के लिए रोस्टर तैयार कर सूचना जारी की जाएगी।
इधर, विभाग की कार्यशैली के खिलाफ लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रो वीरेंद्र पटेल और ई अनिल कुमार ने इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय बताया है। राजद के जिला सचिव सुभाष यादव ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने मनमानी बंद नहीं की और व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो जनता के हित में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राज कुमार गुप्ता ने भी बिना सूचना बिजली काटे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसकी शिकायत विभाग के उच्च अधिकारियों से की जाएगी। वहीं, स्थानीय व्यापारी श्याम लामा,राजन गुप्ता,विक्रम कुमार, विकास गुप्ता,मंटू ठाकुर समेत कई नागरिकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल पारदर्शी रोस्टर जारी करने और व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
लोगों के सवाल
- आखिर बिना रोस्टर जारी किए घंटों बिजली कटौती क्यों?
- मेंटेनेंस के लिए भीषण गर्मी का समय ही क्यों चुना गया?
- जब शहर पहले से जर्जर तारों और स्पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है, तो स्थायी समाधान कब होगा?
- जनता परेशान है, फिर जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार नेताओं की चुप्पी क्यों?
शहर में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए यदि बिजली विभाग ने जल्द पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की, तो आने वाले दिनों में यह मामला सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल, भीषण गर्मी के बीच रक्सौलवासी बिजली विभाग की कार्यशैली से खुद को ठगा और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
