Wednesday, June 3

ठोरी के रिसोर्ट से गिरफ्तार हुए वीरगंज मेयर राजेशमान सिंह, अदालत ने 4.15 लाख नेपाली रुपये की धरौटी पर किया रिहा

वीरगंज।(Vor desk)। नागरिकता और सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के मामले में घिरे वीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह को मंगलवार सुबह पर्सा पुलिस ने ठोरी गांवपालिका स्थित एक रिसोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पर्सा जिला अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के उपरांत अदालत ने कुल 4 लाख 15 हजार नेपाली रुपये की धरौटी पर उनकी रिहाई का आदेश दिया।

पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एवं डीएसपी हरि बहादुर बस्नेत ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने ठोरी स्थित थोरी विलेज रिसोर्ट से मेयर सिंह को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें वीरगंज लाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान पर्सा जिला अदालत के न्यायाधीश गायत्री प्रसाद रेग्मी की इजलास ने दस्तखत जालसाजी मामले में 4 लाख नेपाली रुपये तथा झूठा विवरण प्रस्तुत कर नागरिकता प्राप्त करने से जुड़े मामले में 15 हजार नेपाली रुपये की धरौटी तय की। अदालत के आदेश के बाद मेयर सिंह ने कुल 4 लाख 15 हजार नेपाली रुपये जमा कर दिए, जिसके पश्चात उन्हें रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद अदालत परिसर के बाहर मौजूद समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास की जीत बताया।

गिरफ्तारी वारंट के बाद चर्चा में आया मामला

राजेशमान सिंह के खिलाफ पर्सा जिला अदालत ने दस्तावेज़ जालसाजी मामले में 22 मई तथा नागरिकता से जुड़े मामले में 26 मई को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद यह मामला पूरे मधेश प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।

वारंट जारी होने के अगले दिन मेयर सिंह स्वयं पर्सा जिला अदालत पहुंचे थे। उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें मीडिया के माध्यम से वारंट की जानकारी मिली है और वे कानून तथा न्यायालय का सम्मान करते हुए अदालत पहुंचे हैं। हालांकि अदालत में मामलों की अधिकता के कारण उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने बाद में पुनः उपस्थित होने की बात कही थी।

इसके बाद उनके बिहार के सिवान क्षेत्र में होने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अंततः पुलिस ने उन्हें ठोरी से गिरफ्तार कर लिया।

क्या हैं आरोप?

मेयर राजेशमान सिंह पर आरोप है कि उन्होंने रीता भट्टराई की पुत्री रुविना श्रेष्ठ को अपनी बेटी दर्शाते हुए जन्म प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार करवाए तथा उसी आधार पर नागरिकता बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई।

इसी आरोप के आधार पर उनके खिलाफ दस्तावेज़ जालसाजी, सरकारी अभिलेखों में कथित हेराफेरी और नागरिकता संबंधी अपराध के मामले दर्ज किए गए हैं।

हालांकि मेयर सिंह लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि रीता भट्टराई उनकी दूसरी पत्नी हैं और उन्होंने किसी भी प्रकार का गैरकानूनी कार्य नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

लियाकत अली की शिकायत से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत जनवरी 2024 में हुई थी, जब वीरगंज-3 निवासी लियाकत अली ने जिला पुलिस कार्यालय, पर्सा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में नागरिकता और सरकारी दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया।

पर्सा जिला अदालत के श्रेस्तेदार प्रभाकर मल्लिक ने भी पुष्टि की थी कि दस्तावेज़ संबंधी अपराध के मामले में अदालत द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है और मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

पत्नी रीता भट्टराई और पूर्व पंजीयकर्मी भिखारी राय पर भी वारंट

इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने मेयर राजेशमान सिंह के अलावा उनकी दूसरी पत्नी बताई जा रही रीता भट्टराई तथा वीरगंज-3 के तत्कालीन स्थानीय पंजीयकर्मी भिखारी राय के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

पुलिस दोनों की भूमिका की भी जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

निजी सचिव सत्यराज घिमिरे से भी हुई पूछताछ

गिरफ्तारी से एक दिन पहले सोमवार को मेयर के निजी सचिव सत्यराज घिमिरे को पुलिस ने अदालत परिसर के निकट एक अधिवक्ता के कार्यालय से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया।

डीएसपी हरि बहादुर बस्नेत के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।

अभी खत्म नहीं हुई कानूनी लड़ाई

धरौटी पर रिहाई मिलने के बावजूद मेयर राजेशमान सिंह की कानूनी चुनौतियां समाप्त नहीं हुई हैं। नागरिकता और दस्तावेज़ संबंधी मामलों की पुलिस जांच जारी है, जबकि अदालत में भी मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

फिलहाल, गिरफ्तारी, अदालत में पेशी और उसी दिन धरौटी पर रिहाई की घटनाओं ने वीरगंज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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