Wednesday, May 6

रक्सौल एयरपोर्ट पुनर्निर्माण की राह साफ: टेंडर जारी, बिहार-नेपाल कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम

सांसद डॉ. संजय जायसवाल के प्रयासों को मिली सफलता, सीमावर्ती क्षेत्र में खुशी की लहर

रक्सौल।(Vor desk) वर्षों से बंद पड़े रक्सौल एयरपोर्ट के पुनर्निर्माण को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। केंद्र और राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाते हुए एयरपोर्ट के नवनिर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी कर दिया है। इसकी आधिकारिक जानकारी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी। उन्होंने इसे बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

सरकार द्वारा जारी टेंडर के तहत रक्सौल एयरपोर्ट के रनवे, टैक्सीवे, एप्रन तथा अन्य एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण एवं विस्तार की योजना तैयार की जाएगी। लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से रनवे को करीब 2360 मीटर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। रनवे विस्तार के बाद यहां एटीआर विमान के साथ-साथ फाइटर जेट की लैंडिंग की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे परियोजना का सामरिक महत्व और बढ़ गया है।

नेपाल सीमा से सटे रक्सौल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल पूर्वी चंपारण और उत्तर बिहार को बेहतर हवाई सुविधा मिलेगी, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के लिए भी यह एक प्रमुख एयर कनेक्टिविटी केंद्र बन सकता है। इससे भारत-नेपाल व्यापार, पर्यटन और लोगों के आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय स्तर पर भी इस परियोजना को विकास का बड़ा माध्यम माना जा रहा है। एयरपोर्ट निर्माण से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार की योजना रक्सौल को भविष्य में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित करने की है।

पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने रक्सौल एयरपोर्ट को अपना “ड्रीम प्रोजेक्ट” बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार” बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सांसद ने कहा कि रक्सौल अब सड़क और रेल के बाद हवाई कनेक्टिविटी के जरिए भी विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना को बिहार के लिए “गेमचेंजर” माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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