
रक्सौल।(Vor desk)। नगर परिषद रक्सौल में पिछले कई महीनों से जारी राजनैतिक अनिश्चितता और विकास कार्यों पर लगे ‘ब्रेक’ को हटाने की विभागीय कवायद शुरू हो गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर अब रक्सौल नगर परिषद की सशक्त स्थायी समिति का पुनर्गठन नए नियमों के तहत होगा। आगामी 15 से 25 अप्रैल के बीच होने वाले इस चुनाव में अब पार्षदों का मनोनयन नहीं, बल्कि गुप्त मतदान के जरिए चयन किया जाएगा, जिससे वर्षों से चली आ रही मनोनयन की परंपरा का अंत होगा।
विवादों में रही है पूर्व की स्थाई समिति सदस्य, मुख्य पार्षद के पद मुक्त होने के बाद बैठक पर संकट
रक्सौल में विवाद की जड़ें साल 2022 के मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद के सीधे तौर पर हुए निकाय चुनाव के बाद से ही गहरी थीं। तत्कालीन मुख्य पार्षद धुरपति देवी द्वारा गठित समिति कई मामलों को ले कर विवादों के घेरे में रही। अगस्त 2025 में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बाद विभाग ने मुख्य पार्षद को पदमुक्त कर दिया था, जिसके बाद से परिषद में नीतिगत गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। समिति की बैठकें न होने के कारण शहर के नाला निर्माण, साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चले गए। इस प्रशासनिक शिथिलता पर वार्ड 6 के पार्षद घनश्याम प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताते हुए विभाग को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी।
मौजूदा समिति में है तीन सदस्य,गतिरोध जारी
वर्तमान में समिति की स्थिति पर नजर डालें तो वार्ड 19 के पार्षद सोनू गुप्ता के इस्तीफे के बाद वार्ड 24 की पार्षद डिंपल चौरसिया को सदस्य बनाया गया था, जबकि वार्ड 6 से घनश्याम प्रसाद और वार्ड 17 से अंतिमा देवी पहले से सदस्य हैं। हालांकि, कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक सदस्यों का लोकतांत्रिक चयन नहीं होता, तब तक पुरानी मनोनीत समिति की बैठक बुलाना वैधानिक रूप से उचित नहीं है।
नगर विकास विभाग ने जारी किया चुनाव की गाइड लाइंस,तैयारी तेज
नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करते हुए स्थाई समिति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है,जिसे 25अप्रैल तक पूर्ण कर लेना है।अब नई गाइडलाइंस के तहत पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाची पदाधिकारी(नगर पालिका) द्वारा नियुक्त सहायक निर्वाची पदाधिकारी के देखरेख में होने वाले इस चुनाव में नामांकन, मतदान और नतीजों की घोषणा एक ही दिन में कर दी जाएगी। कोई भी पार्षद केवल एक रिक्ति के लिए नामांकन कर सकेगा।
मुख्य पार्षद चुनाव की भी तैयारी जारी
वहीं दूसरी ओर, मुख्य पार्षद के रिक्त पद को भरने के लिए उपचुनाव की तैयारी भी युद्ध स्तर पर जारी है। 13 मार्च से शुरू हुई मतदाता सूची के अपडेशन का कार्य प्रगति पर है और 13 मई 2026 को अंतिम प्रकाशन के बाद उपचुनाव की अधिसूचना संभावित है।
क्या कहते है अधिकारी:
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि विभागीय अधिसूचना संख्या 1188 के आलोक में 15 अप्रैल के बाद समिति का चुनाव विधिपूर्वक संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य पार्षद के उपचुनाव की प्रक्रिया अलग है और उसका स्थायी समिति के चुनाव पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। नई निर्वाचित समिति के गठन के साथ ही पुरानी मनोनीत समिति स्वतः भंग मान ली जाएगी, जिससे शहर के अटके हुए विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
