
रक्सौल।(Vor desk)।शहर के सरस्वती विद्या मंदिर में आचार्यों की त्रिदिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ बुधवार को हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में नरेश पटेल तथा विद्यालय के सहमंत्री विकास कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुई। इसके उपरांत आचार्यों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित आचार्यों ने मुख्य अतिथि एवं सहमंत्री के मार्गदर्शन का लाभ उठाया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य प्रेम रंजन पटेल ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यालय के पूरे वर्ष के विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है। साथ ही विद्यालय की आंतरिक एवं बाह्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आचार्यों के विभागों का बंटवारा करने तथा प्रांतीय कार्यक्रमों के अनुरूप विद्यालय की योजनाएं बनाई जाती हैं।

मुख्य अतिथि नरेश पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्होंने आचार्यों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए छात्रों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वहीं सहमंत्री विकास कुमार ने भी आचार्यों को संबोधित करते हुए विद्यालय के समग्र विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यशाला में शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाने, अनुशासन बनाए रखने एवं छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, नर्वदेश्वर पांडे, प्रवीण कुमार, रूपनारायण सिंह, ममता कुमारी, सोनी कुमारी, खुशी कुमारी, बिंदु कुमारी तथा सोनी तिवारी सहित अन्य आचार्य उपस्थित रहे।
