
रक्सौल।(Vor desk)। सीमावर्ती शहर रक्सौल में कमर्शियल गैस सिलिंडर की तीव्र किल्लत ने स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय की कमर तोड़ दी है। सरकार द्वारा आपूर्ति में आई बाधा के बाद उत्पन्न हुए इस गंभीर संकट को लेकर सोमवार को शहर के प्रमुख होटल संचालकों ने एकजुट होकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनीष कुमार से मुलाकात की और एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा। व्यवसायियों का स्पष्ट कहना है कि गैस की अनुपलब्धता के कारण न केवल उनका व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि होटलों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों के सामने भी अब रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आपूर्ति ठप होने से शहर के खान-पान उद्योग में पूरी तरह से त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है।
इस विकट स्थिति के पीछे के वैश्विक कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण भारत को होने वाला पेट्रोलियम और रसोई गैस का निर्यात बुरी तरह बाधित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे इस भू-राजनीतिक संकट का सीधा असर अब बिहार सहित अन्य राज्यों में रसोई गैस की भारी कमी के रूप में देखा जा रहा है। रक्सौल जैसे व्यावसायिक केंद्र में गैस की किल्लत ने दैनिक कामकाज को ठप कर दिया है, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश और चिंता व्याप्त है। होटल संचालकों ने प्रशासन को अवगत कराया कि यदि शीघ्र ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो कई प्रतिष्ठानों पर ताला लटकने की नौबत आ जाएगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में शहर के प्रतिष्ठित संस्थानों के संचालक शामिल थे, जिनमें कैंडी स्वीट्स हाउस के हरीश खत्री और पंकज स्वीट्स के राजेश बाधवानी ने प्रमुखता से अपनी व्यथा साझा की। इसके अतिरिक्त लालू ढाबा, बीकानेर स्वीट्स, प्रमोद पाव भाजी, न्यू पंकज स्वीट्स, अन्नपूर्णा स्वीट्स और लड्डू गोपाल जैसे बड़े संस्थानों के संचालकों ने भी इस संकट को साझा साझा करते हुए शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की। व्यापारियों ने एसडीएम से गुहार लगाई है कि स्थानीय स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि इस उद्योग से जुड़े हजारों परिवारों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
