Thursday, April 23

नेपाल चुनाव को ले कर इंडो नेपाल बॉर्डर सील: सीमा पर 72 घंटे का सख्त पहरा, होली के हुड़दंग और शराब के शौकीनों पर बरसी चुनावी बंदिशें

रक्सौल।(Vor desk)। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का घेरा अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन के निर्देश पर 2 मार्च सोमवार की मध्य रात्रि से ही सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है, जिसका आज दूसरा दिन है। यह दशकों में संभवतः पहला ऐसा मौका है जब होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान चुनावी सुरक्षा के चलते बॉर्डर को पूरी तरह बंद रखना पड़ा है। इस स्थिति के कारण सीमा के दोनों ओर रहने वाले नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। मेल-मिलाप के पारंपरिक उत्साह की जगह इस बार लोगों ने मोबाइल फोन और वीडियो कॉल के जरिए ही एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और हाल-चाल लिया।

​सुरक्षा के मोर्चे पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) की टीमें मैत्री पुल समेत तमाम संवेदनशील पॉइंट्स पर संयुक्त रूप से गश्त कर रही हैं। एसएसबी 47वी बटालियन कमांडेंट संजय पांडे ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सीमा पार से किसी भी अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए उठाया गया है और गुरुवार की मध्य रात्रि तक यह पाबंदी लागू रहेगी। सीमा सील होने के कारण चार पहिया और दो पहिया वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, मानवीय संवेदनाओं और चुनावी अधिकारों का सम्मान करते हुए केवल पैदल यात्रियों को कड़ी जांच के बाद अनुमति दी जा रही है। भारत से नेपाल वोट देने जा रहे मतदाताओं और नेपाल से होली मनाने भारत लौट रहे नागरिकों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाने के बाद ही सीमा पार करने दी जा रही है।

​चुनाव के चलते सुरक्षा के साथ-साथ नेपाल में शराब की बिक्री और सेवन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पड़ोसी देश में 27 फरवरी से ही शराब की दुकानें बंद हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों के उन लोगों को बड़ी निराशा हाथ लगी है जो बिहार में शराबबंदी के कारण अक्सर होली जैसे त्योहारों पर नेपाल का रुख करते थे। चुनावी बंदिशों के कारण इस बार नेपाल के होटल और बार पूरी तरह वीरान हैं और सुरक्षा एजेंसियां अवैध तस्करी को रोकने के लिए ड्रोन व अन्य तकनीकी माध्यमों से भी निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल आपातकालीन और एम्बुलेंस सेवाओं को ही बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने दिया जाएगा, जबकि सामान्य जनजीवन चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पटरी पर लौटेगा।परसा जिला के प्रमुख जिलाधिकारी भोला दहाल ने बताया कि बोर्डर गुरुवार 5मार्च को चुनाव सम्पन्न होने के बाद मध्य रात्रि से खुलेगा।परसा जिला में चुनाव आचार संहिता के अनुपालन के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।नेपाल सेना, एपीएफ,पुलिस ,निर्वाचन पुलिस सभी मुस्तैद हैं ।

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