
रक्सौल।(Vor desk)। आसन्न बिहार विधान सभा चुनाव के पूर्व रक्सौल के कोईरियाटोला स्थित अंबेडकर चौक पर निर्माणाधीन हाई लेबल ब्रिज और निर्माण अवधि में आवाजाही के लिए डायवर्शन निर्माण को ले कर सियासत गर्म हो गई है। रक्सौलवासी घोड़ासहन नहर पर लोहईया पुल मांग रहे हैं,जो आईसीपी बायपास रोड में इसी नहर पर लगी हुई है,लेकिन,इस नाम पर लोगों को छलने और आश्वासन की घूंटी पिलाने
का काम लगातार जारी है।
डायवर्सन नहीं होने से आम लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर बीते 20जुलाई को इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और पुतलादहन कार्यक्रम के एक सप्ताह बाद भी कोई परिणाम न आने पर जन सुराज नेत्री पूर्णिमा भारती भी इस जनसमस्या को ले कर मुखर हो गईं और शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया।

आमरण अनशन के बाद मची खलबली और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप के बीच शनिवार की शाम नहर में चचरी पुल बना दिया गया और उसे ‘जन सेतु ‘नाम दे दिया गया,जिसे सोशल मिडिया में ‘पांच हजरिया पुल’ बता कर खूब ट्रोल किया जा रहा है।इस चचरी पुल के बनते ही मीडिया को बुला लिया गया।इसे बनाने का दावा कोईरिया टोला समिति की ओर से हुआ,जिसकी चर्चा पहले कभी नहीं सुनी गई।इस मामले में भाजपा के मुख्यालय सह प्रभारी जितेंद्र कुशवाहा सामने आए और कहा कि पार्टी की ओर से यह पहल नहीं है,बल्कि,मैं भी रक्सौल का बेटा हूं,इसलिए यह पहल किया।उनके साथ सांसद प्रतिनिधि राजकिशोर राय सहित कई भाजपा नेता कार्यकर्ता के चेहरे दिखे।जितेंद्र कुशवाहा ने सारा ठिकड़ा बिहार राज्य पुल निगम और सिंचाई विभाग पर फोड़ दिया।उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का बचाव करते हुए कहा कि तीन माह तो काफी मजबूत बने पुराने पुल को तोड़ने में ही लग गए।

हालांकि,लगे हाथ मौके पर उपस्थित सुनील कुशवाहा भी थे,जिनके बारे में जितेंद्र ने कोईरिया टोला समिति की ओर से परिचय कराया।राजद के वाणिज्य प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुशवाहा इंडिया गठबंधन की ओर से डायवर्शन निर्माण के लिए एनडीए सरकार और जन प्रतिनिधियों के विरुद्ध जम कर विरोध प्रदर्शन किया था।जब उन्हें बोलने का मौका मिला था तो जितेंद्र कुशवाहा को इस चचरी पुल बनाने का अगुवा बताते हुए सांसद और विधायक सहित भाजपा नेताओं को धो डाला।उन्होंने उन्हें सीधे सीधे आरोपित किया और नीति नियत पर सवाल खड़े कर दिए।
इसी बीच गरमाई सियासत और क्रेडिट बटोरने के आरोप की गर्माहट के बीच नहर में बने चचरी पुल पर चढ़ कर राजद नेता सह पूर्व विधान सभा प्रत्याशी राम बाबू यादव आमरण अनशन स्थल पहुंचे और दलहित से ऊपर जनहित में बहन पुकारते हुए पूर्णिमा भारती का समर्थन किया और जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े किए।उन्होंने सरकार और जन प्रतिनिधियों पर खूब हमला बोला।आरोप किया कि चुनाव के पहले मोटा कमीशन खाने के लिए मजबूत पुल तुड़वा दिया और बिना वैकल्पिक डायवर्सन बनाए बिना निर्माण शुरू करा दिया गया।आश्चर्य है कि सरकार इस पर चुप है।

इस मामले में विपक्ष की चुप्पी भी सवालों में रही है।यहां के वरीय महागठबंधन नेता राम बाबू यादव,सुरेश यादव,संतोष जायसवाल जैसे चेहरे इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में नहीं दिखे थे,ना ही कोई प्रतिक्रिया दी थी।जबकि,राजद ,कांग्रेस के कई युवा चेहरे राजद प्रखंड अध्यक्ष सौरंजन यादव के नेतृत्व इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए विरोध प्रदर्शन से मजबूती दी। आरोपो के बीच राम बाबू यादव ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि मैं कभी पीछे नहीं रहा,न रहूंगा।
फिलहाल,इस बीच चुनावी मौसम में गर्म सियासत ने पुल और डायवर्शन के मामले को बड़ा जन मुद्दा बना दिया है।लगातार आम जनों और विपक्षी सियासत के निशाने पर रहे क्षेत्रीय भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बीते दिनों बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के चेयर मैंन शीर्षत कपिल अशोक से पटना में मुलाकात की और इस समस्या से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द लोहिया पुल निर्माण की मांग की ।जिस पर शीघ्र पहल का आश्वासन मिला था और तय था कि 27जुलाई को मोतिहारी से पुल निर्माण निगम की टीम रक्सौल आ कर जायजा लेगी और जरूरी पहल करेगी।इसको ले कर एसडीओ मनीष कुमार ने बिडियो जय प्रकाश आदि के साथ अम्बेडकर चौक पहुंचे और जायजा भी लिया।

इस पूरे परिदृश्य पर लगातार सचेत और क्रियाशील रहने वाले क्षेत्रीय सांसद डा संजय जायसवाल की चुप्पी भी रहस्यमय बनी हुई है।उन्होंने रक्सौल पिपरा कोठी एन एच 28 ए को ले कर तांतिया कंस्ट्रक्शन की बैंड बजा दी थी और रि टेंडर राम कृपाल सिंह एंड कंपनी मिला था।सड़क और फ्लाई ओवरब्रिज भी बन गई।इसी क्रम में कोई दस वर्ष पहले नहर में आईसीपी बाईपास को जोड़ने वाला लोहईया पुल बनाई गई थी,जो आज भी मजबूत और आवाजाही का मजबूत माध्यम है।ऐसा ही डायवर्शन लोग मेन रोड में नहर पर चाहते हैं।किन्तु,डा संजय की ‘टुकुर टुकर देखना’ कई निहितार्थ ओढ़े दिख रहा है,हालाकि,उनकी पहल और प्रतिक्रिया मुंह खोलने से ही स्पष्ट हो सकेगी।’

इस दौरान अचानक से सांसद के नजदीकी माने जाने वाले जितेंद्र कुशवाहा की चचरीपुल के निर्माण पर आगे आ कर मीडिया ब्रीफिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए।समाजिक कार्यकर्ता नुरुल्लाह खान ने जितेंद्र कुशवाहा को घेरते हुए आई वाश करने का आरोप लगाते हुए कि मुद्दों को भटकाने और पुल निर्माण निगम की टीम को दिग्भ्रमित करने के लिए यह ड्रामा हुआ है।लेकिन, रक्सौल की जनता झांसे में नहीं आने वाली।यह पब्लिक है,सब जानती है।उन्होंने यह भी आरोप किया कि बस संचालक अपने फायदे के लिए यह चचरी पुल बनवाए है।
उन्होंने सवाल किए कि जब सांसद ,विधायक की उपस्थिति में विभागीय मंत्री नितिन नवीन ने रक्सौल आईसीपी में पुल निर्माण निगम के चेयरमैन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ यहां राज्य स्तरीय समीक्षा की थी,तो अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए संबधित विभाग पर ठिकड़ा फोड़ना कहां तक और कैसे जायज है।उन्होंने यहां तक कह दिया कि क्रेडिट लूटने की योजना भी इसमें काम कर रही है,क्योंकि,क्रेडिट लुटवा गिरोह के सदस्य जितेंद्र खुद भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।

बता दे कि पांच करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर चौक पर पुराने पुल को तोड़ कर एक नया पुल बनाया जा रहा है,जिसका नाम ‘हाई लेबल ब्रिज’ दिया गया है।निर्माण स्थल पर योजना और निर्माण से संबंधित जानकारी के लिए कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है।केवल मुख्य मंत्री के शिलान्यास का शिलापट्ट लगा हुआ है, जिसमे सांसद और विधायक आदि का नाम है।चर्चा है कि स्टार कंस्ट्रक्शन इसका निर्माण कर रही है,जो अपने पहुंच और पकड़ के बूते किसी की नहीं सुन रहा।अस्थाई डायवर्सन ध्वस्त होने से इस पार से उस पार जाने में एक मिनट लगता है।लेकिन,दो तीन किलो मीटर दूर कौड़ीहार चौक से मेन रोड आना जाना करना पड़ रहा है,जिससे जाम और बेवजह समय जाया होने वाली स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
राजद प्रखंड अध्यक्ष सौरंजन यादव का आरोप है कि पुल के साथ डायवर्सन बनाने के लिए मिली पचास लाख की राशि का जनप्रतिनिधि ठेकेदार गठजोड़ ने गबन कर लिया है।उन्होंने पुल निर्माण में अनियमितता और घोटाला का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।उनका कहना है कि इसलिए जन प्रतिनिधि दमी साधे हुए हैं,वरना इस बड़ी लापरवाही पर अब तक कारवाई हो गई होती।वहीं,कांग्रेस के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ गौतम कुमार और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव अखिलेश दयाल ने कहा कि जहां यह पुल बन रहा है वह काठमांडू दिल्ली राज मार्ग का हिस्सा है,जिसे बन्द या अवरुद्ध नहीं किया जा सकता।पुल निर्माण से पहले मजबूत डायवर्शन बनाना चाहिए था।चार माह से काम लगा हुआ है,जब नहर में पानी नहीं था।आम लोगो को परेशान कर अब लीपापोती का खेल चल रहा है,लेकिन,हम चुप नहीं बैठेंगे।जरूरत पड़ी तो फिर उग्र आंदोलन होगा।

इधर,रात्रि में भी ‘पुल दो,नहीं तो मार दो’ के नारे के साथ आमरण अनशन पर बैठी जन सूरज नेत्री पूर्णिमा भारती ने कहा कि जैसे जिंदगी के लिए सांस जरूरी है,उसी तरह लाइफ लाइन सड़क के लिए पुल जरूरी है।जब तक दो भाग में बंटे रक्सौल शहर को जोड़ने के लिए डायवर्शन यानी लोहईपुल नहीं बनता,आमरण अनशन खत्म नहीं होगा।मुझे यहां के सांसद और विधायक पर कतई विश्वास नहीं है।ये रक्सौल में ओवरब्रिज के नाम पर भी लगातार छलते आ रहे हैं।यहां रोज रोज दुर्घटना हो रही है।बाइक नहर में गिर रही है।मरीज,स्कूली बच्चे,आम लोग सब परेशान हैं।उन्होंने आरोप किया कि आमरण अनशन के लिए एसडीओ से इजाज़त मांगी तो नहीं मिला,मुझे जिला विकास उपायुक्त डा प्रदीप कुमार ने इजाजत दी।उन्होंने खुद आ कर निरीक्षण का आश्वासन दिया है।जन सुराज नेत्री पूर्णिमा ने कहा कि वह जमाना गया,जब कोई बोलने से डरता था,अब जन सुराज आगे है,जन समर्थन साथ है।चुप नहीं बैठेंगे।
