Friday, September 11

CCTV से छेड़छाड़ से लेकर सरकारी संचिका तक उलझा रक्सौल नगर परिषद का मामला, कई घंटे चली पुलिस पूछताछ

संचिका को लेकर अलग-अलग बयान से बढ़ा जांच का दायरा, कार्यवाहक सभापति समेत अधिकारियों-कर्मियों से पूछताछ; CCTV हटाने के निर्देश की भी पड़ताल

रक्सौल। (Vor desk)। रक्सौल नगर परिषद में कार्यालयी कार्यप्रणाली को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों की जांच अब पुलिस स्तर पर आगे बढ़ गई है। गुरुवार को हरैया थाना पुलिस की टीम ने थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर कई घंटे तक मामले की पड़ताल की। पुलिस ने CCTV कैमरे से कथित छेड़छाड़, नगर प्रबंधक के कार्यकक्ष के कथित अनधिकृत इस्तेमाल, बाहरी व्यक्ति को सरकारी संचिका दिखाने, सरकारी कार्य में बाधा और साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ समेत कई बिंदुओं पर जांच की।

जांच के दौरान कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी,प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा,उच्च वर्गीय सहायक मृत्युंजय मृणाल,कर संग्राहक पंकज कुमार सिंह समेत अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गयी। पुलिस ने संबंधित कक्षों का जायजा लेने के साथ उपलब्ध दस्तावेजों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जानकारी भी जुटायी।इस दौरान कार्यवाहक सभापति के पति राकेश कुशवाहा भी मौजूद रहे।

संचिका किसने मांगी, बयान में ही सामने आया अंतर

पुलिस पूछताछ में सरकारी संचिका को लेकर सामने आए अलग-अलग बयानों ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। उच्च वर्गीय सहायक मृत्युंजय मृणाल के अनुसार, संबंधित संचिका की मांग उनसे प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा ने की थी।

वहीं, चंदेश्वर बैठा ने पुलिस को बताया कि संचिका की मांग कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी की ओर से की गयी थी। दोनों बयानों में अंतर सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संचिका किसके निर्देश पर मांगी गयी और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

CCTV हटाने के निर्देश की भी होगी पड़ताल

नगर परिषद कार्यालय में लगे CCTV कैमरे से कथित छेड़छाड़ भी पुलिस जांच का प्रमुख बिंदु रही। पुलिस ने मौके पर कैमरे की स्थिति का जायजा लिया और यह जानने का प्रयास किया कि कैमरे के साथ क्या किया गया तथा इसके पीछे किसका निर्देश था।

प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा के अनुसार, CCTV कैमरा हटाने का निर्देश कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी की ओर से दिया गया था। अब पुलिस इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है कि कैमरा हटाने या उसके साथ छेड़छाड़ का निर्देश वास्तव में किस स्तर से दिया गया था।

बाहरी व्यक्ति को संचिका दिखाने के आरोप की भी पड़ताल

पुलिस ने नगर प्रबंधक के कार्यकक्ष के कथित अनधिकृत इस्तेमाल और वहां बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी से जुड़े आरोपों को भी जांच में शामिल किया। आरोप है कि कार्यालय के कार्यकक्ष में बाहरी व्यक्ति को बैठाकर सरकारी संचिकाएं दिखायी गयीं। पुलिस ने इस संबंध में संबंधित लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।

आमने-सामने पूछताछ से तलाशे जा रहे तथ्य

जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से आमने-सामने पूछताछ भी की गयी। पुलिस का उद्देश्य अलग-अलग लोगों के बयानों के बीच मौजूद अंतर को स्पष्ट करना और उन्हें उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान करना है।

मामले में सरकारी कार्य में बाधा और संभावित साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी और कार्यालय में हुई गतिविधियों के पीछे वास्तविक स्थिति क्या रही।

थानाध्यक्ष बोले- CCTV से छेड़छाड़ कानूनन अपराध

हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की गयी है। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच का अहम सवाल: सरकारी संचिका किसके निर्देश पर निकाली गयी, उसे किसे दिखाया गया और CCTV हटाने का वास्तविक आदेश किसने दिया—इन सवालों के जवाब पुलिस जांच की दिशा तय कर सकते हैं।

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