
- भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी स्ट्राइक: दरपा थाना क्षेत्र के बथुआहिया में एसएसबी, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त छापेमारी
- संदिग्ध गोदाम और ट्रक से बरामद हुई 504 बोरी खाद, भारतीय किसानों के हिस्से की यूरिया नेपाल में ऊंचे दामों पर खपाने की थी साजिश
रक्सौल।(Vor desk)।
भारत-नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय खाद तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ सुरक्षा बलों और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र अंतर्गत बथुआहिया गांव में बृहस्पतिवार को मिली एक सटीक गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी, स्थानीय पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ा ऑपरेशन चलाकर 22,680 किलोग्राम (22.68 मीट्रिक टन) अवैध यूरिया खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल के लिए तैनात एक 12 पहिया विशाल ट्रक को भी मौके से जब्त कर लिया गया है।
गुप्त सूचना पर एसएसबी और पुलिस की घेराबंदी इस पूरे ऑपरेशन की पटकथा एसएसबी की 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार को मिली एक खुफिया इनपुट के बाद लिखी गई। सूचना मिली थी कि नो-मैंस लैंड से सटे सीमावर्ती इलाके में भारत से नेपाल खाद की बड़ी खेप स्मगल करने के मकसद से एकत्र की जा रही है। कमांडेंट के निर्देशन में तत्काल प्रभाव से एसएसबी सीमा चौकी कोरैया की ‘डी समवाय’, दरपा थाना पुलिस और छौड़ादानो प्रखंड कृषि विभाग की एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए बथुआहिया स्थित एक संदिग्ध गोदाम और उसके पूरे परिसर की सख्त घेराबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी।
ऑपरेशन बथुआहिया: गोदाम से लेकर 12 पहिया ट्रक तक खंगाला
- गोदाम के भीतर का हाल: संदिग्ध गोदाम की तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को 208 बोरी यूरिया खाद मिली। 45-45 किलोग्राम की इन बोरियों का कुल वजन 9,360 किलोग्राम दर्ज किया गया।
- ट्रक में लोड थी बड़ी खेप: गोदाम परिसर में खड़े एक 12 पहिया ट्रक की जब सघन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से 296 बोरी (13,320 किलोग्राम) यूरिया बरामद हुई।
- कुल जब्ती का आंकड़ा: छापेमारी में कुल मिलाकर 504 बोरी यूरिया बरामद की गई, जिसका कुल वजन 22.68 मीट्रिक टन है। खाद के साथ ही इस भारी-भरकम 12 पहिया ट्रक को भी सीज कर दिया गया है।
नेपाल के बाजारों में ऊंचे दामों पर खपाने का था प्लान सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से सीमा पार खाद भेजने वाले तस्करों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुट गई हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि भारतीय सब्सिडी वाली इस यूरिया को सीमावर्ती चोर रास्तों (पगडंडियों) के जरिए नेपाल के कृषि बाजारों में ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। सुरक्षा बल अब इस बात का पता लगा रहे हैं कि इतनी बड़ी तादाद में खाद किस डीलर या गोदाम से सप्लाई की गई थी।
प्राथमिकी दर्ज, कानूनी शिकंजा कसना शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए छौड़ादानो प्रखंड कृषि विभाग की ओर से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए दरपा थाने में लिखित आवेदन सौंप दिया गया है। जब्ती की गई यूरिया और 12 पहिया ट्रक को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए दरपा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर नामजद और अज्ञात तस्करों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
बॉर्डर पर अलर्ट जारी: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाद की अवैध आवाजाही और तस्करी पर पूर्ण विराम लगाया जाए। अधिकारियों का दावा है कि बथुआहिया में हुई यह कार्रवाई महज शुरुआत है, तस्करी के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने तक यह अभियान जारी रहेगा।
