नगर परिषद कर्मियों की नियुक्ति में ‘फर्जीवाड़ा की अनुभूति’ को ले कर बढ़ा बवाल,जांच शुरू होने के बाद मुख्य पार्षद के ‘यू टर्न’ लेने के बाद नव नियुक्त38 कर्मी सड़क पर!
रक्सौल।(vor desk)। बूचड़ खाना घोटाला और 2.62करोड़ के सरकारी फंड के अवैध ट्रांजेक्शन के प्रयास के मामले के बाद राज्य स्तर पर बदमानी झेल रहे रक्सौल नगर परिषद का विवादों से नाता छूट नहीं रहा। ताजा मामला रक्सौल नगर परिषद कार्यालय द्वारा बहाली का है,जिसे खुद नगर परिषद के जन प्रतिनिधियों ने अवैध करार दिया है। मजे की बात यह है कि बगैर बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के फरवरी 2024में आहूत स्टेंडिंग कमेटी की बैठक में लाए गए प्रस्ताव से यह बहाली कर दी गई।इसमें सहायक(चतुर्थ वर्गीय कर्मी),अमीन,चालक,और सफाई कर्मी के कोई 38 पद है।जिसमे मुख्य पार्षद के नाती की बहाली भी चर्चे में है।इसकी वेकेंसी कब निकली,किस मानक के तहत और कैसे नियुक्ति कर दी गई ,यह एक अलग प्रश्न है।लेकिन,मूल बात यह है कि नियुक्त कर्मियों ने ज्वाइनिंग भी ले ली।भुगतान भी शुरू हो जाने की चर्चा है।अब मुख्य पार्षद ने बीते26अक्टूबर को हुई स्टें...









