बेटों ने दिल्ली में जब मां -बाप को छोड़ा तन्हा,तो, ट्रेन से कट कर उन्होंने दे दी अपनी जान!
-गावँ छोड़ दिल्ली कमाने गए तीन बेटों ने मां-बाप को रखा था अलग कमरे में,मौत के बाद गांव में शोक के बीच चर्चा परिचर्चा तेज
-आदापुर के कलवारी दुबहा के निवासी थे दम्पति,बेटों के दिल्ली।रहने के वजह से घर मे लगा है ताला
रक्सौल/आदापुर।(vor desk )।ठीक ही कहा गया है कि एक माँ-बाप विषम परिस्थितियों में भी अपने कई-कई औलादों को पाल-पोष के बड़ा कर देते हैं तथा अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें ख़ुद के पैरों पर खड़ा होने के लायक़ बना देते हैं लेकिन कई औलाद मिल कर भी अपने बूढ़े माँ-बाप का सहारा नहीं बन पाते!कभी-कभी तो बुढ़ापा अपने आप को इतना असहाय महसूस करता है कि उनको अपना जीवन ही बोझ लगने लगता है तथा अंततः ग़लत क़दम उठाने पर मजबूर हो कर अपने जीवन का परित्याग कर लेते हैं!कुछ ऐसी ही घटना कल प्रखंड आदापुर में कलवारी दुबहा निवासी भिखारी साह, उम्र-80 वर्ष तथा उनकी पत्नी के साथ घटित हुई है।हुआ यूँ कि स्वर्ग...









