ललन दुर्घटना कांड:,चार बच्चों की मां शरीता के मांग का उजड़ गया सिंदूर,जन प्रतिनिधि से ले कर प्रशासन तक की नही टूट रही नींद
रक्सौल।(vor desk) । रक्सौल के मुख्य पथ पर एक बार फिर जान चली गई।लेकिन,जन प्रतिनिधि से ले कर प्रशासन तक की नींद नही टूट रहीं।सड़क पर उतर कर न्याय दिलाने और व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठाने की जगह घड़ियाली आंसू बहाने वालों और बयान बाजी कर राजनीतिक रोटी सेंकने वाले की कमी नहीं।
शहर के कोईरिया टोला में साइकल से घर लौटते वक्त सोमवार की शाम राज्य परिवहन निगम के बस से कुचल कर मरे युवा ललन यादव का परिवार इस अचानक हुए हादसे से टूट गया है।चार बच्चों की मां शरिता देवी दुनियां उजड़ गई,सिंदूर मिट गया।तीन बेटे और एक बेटी अनाथ हो गए। ललन की बूढ़ी मां अब इसलिए रो रही है की बुढ़ापे का सहारा तो गया ही, अब कमाने वाला कोई नहीं।
दुर्घटना के बाद सेल्फी और विडियो बनाने की भिड़ थी।उठाने वाला कोई नही था।परिजन इस वाक्या से भी गुस्सा है कि यदि तुरंत इलाज मिला होता,तो शायद ललन बच जाता।स...









