उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही सम्पन्न हुआ लोक आस्था का महा पर्व चैती छठ!
रक्सौल।( vor desk)।रक्सौल समेत सीमाइ क्षेत्र में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिनी छठ महापर्व शुक्रवार को संपन्न हो गया। बैंडबाजा और छठ गीत से घाट व मुहल्ले गुलजार हो रहे थे। कुछ व्रती दंडवत करते हुए घाट तक पहुंचे थे। परिवार के सदस्य सिर पर डाल-दउरा लेकर घाट तक पहुंचे थे। इस दौरान घाट पर छठी मइया के गीत भी गूंजते रहे। व्रतियों ने भक्तिभाव से भगवान सूर्य के उदय होने पर अर्घ्य देकर उनकी विधिवत आराधना की। व्रती पारंपरिक छठ गीतों मारबऊ रे सुगवा धनुष से, चलआ छठी माई के घाट, हे छठि माई, हे छठि माई, हम हई इहां परदेस में, कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए..होख न सूरजदेव सहाय …, बहंगी घाट पहुंचाए…, बाबा कांचे कांचे बंसवा कटाई दीह फरा फराई दीह…,पटना के घटवा पर बाजे बजनवा…, केलवा जे फरेले घवद से ओह पर सुगा मड़राए जैसे गीत गाते हुये घाटों पर पहुंचे। शहर के आश्रम रोड,बाबा मठिया...









