केपी ओली सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति विधा भंडारी ने भंग की संसद, मचा सियासी बवाल
नए जनादेश के लिए संसद का हुआ विघटन,वैशाख 17 व 27 गते को होगा चुनाव !
काठमांडू।( vor desk )।नेपाल में एक बार फिर सियासी घमासान बढ़ता नजर आ रहा है।सतारुढ़ नेकपा के अंदर से ही विरोध झेल रहे नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार को अचानक मंत्रिमंडल की बैठक में संसद के मौजूदा सदन को भंग करने का फैसला किया। मंत्रिमंडल की तरफ से सदन को भंग करने की औपचारिक सिफारिश राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी को की गई, जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया है। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि नेपाल में अप्रैल-मई में संसदीय चुनाव करवाए जा सकते हैं।
संविधान में संसद भंग करने का प्रावधान नहीं,उठे सवाल:बड़ी बात यह है कि नेपाल के संविधान में ही सदन को भंग करने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में अन्य राजनीतिक दल सरकार के इस फैसले को अदालत में भी चुनौती दे सकते हैं। नेपाल की राष्ट्रपति ने ओली सरकार के इस असवैंधानिक सलाह...









