बाल विवाह व दहेज प्रथा समाजिक अपराध,कुरीति मिटाने आगे आएं जनप्रतिनिधि:एसडीओ
रक्सौल।(vor desk )। बाल- विवाह और दहेज प्रथा न केवल कुरीति हैं,बल्कि,दोनों एक सामाजिक अपराध है।जनप्रतिनिधियों को इसके उन्मूलन व रोकथाम के लिए आगे आना चाहिए।उक्त बातें एसडीओ अमित कुमार ने शनिवार को प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में बाल - विवाह और दहेज प्रथा रोकथाम को लेकर निर्वाचित मुखियों की आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने इन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों से कहा कि इसे रोकना समाजिक दायित्व है।उन्होंने कहा कि बाल विवाह व दहेज को बढ़ावा देने में सहयोगी लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के लड़के लड़कियों की शादी जुर्म है।जो भी इसमे लिप्त पाएंगे।उन पर कानूनी कार्रवाई होगी।वर और वधु पक्ष समेत बाराती शराती, पण्डित, मौलवी,टेंट,बैंड पार्टी सभी कानूनी कारवाई के दायरे में आएंगे।
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