
रक्सौल।(Vor desk)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर समूचे शहर और प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धा व उत्साह का माहौल रहा। शैक्षणिक संस्थानों में जहां एक ओर बापू के प्रिय भजनों की धुनें गूंजती रहीं, वहीं बच्चों ने सत्य, अहिंसा, सादगी और देशसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर शहर के ऐतिहासिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय ‘राष्ट्रीय गांधी’ में प्रधान शिक्षक मुनेश राम की अध्यक्षता में विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान शिक्षक मुनेश राम ने चंपारण की ऐतिहासिक धरती से गांधीजी के जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बापू ने इसी मिट्टी से ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सत्याग्रह का शंखनाद किया था, जिसने देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। विद्यालय के ऐतिहासिक महत्व को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर 1920 को रक्सौल आगमन के दौरान गांधीजी ने इसी विद्यालय प्रांगण में बैठकर बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया था, जिसके सम्मान में इस संस्था का नाम ‘राष्ट्रीय गांधी’ रखा गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बापू के आदर्शों को अपने जीवन में ढालने और लगन से पढ़ाई कर देश का नाम रोशन करने की शपथ ली। बच्चों ने राष्ट्रगान के साथ बापू के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भावपूर्ण सामूहिक गायन किया। समारोह के समापन पर सभी बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
इस दौरान पत्रकार राजेश वर्मा, विद्यालय रसोइया पूनम देवी, किरण देवी, धर्मशिला देवी सहित छात्र-छात्राओं में उत्कर्ष आर्य, देवांश आर्य, मोहित आर्य, दीपक कुमार, म. अरशद, आरती कुमारी, मुस्कान, शिवम कुमार, आराध्या कुमारी, पवित्रा कुमारी और करीना कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
