Sunday, September 13

रक्सौल:आदर्श चौक की जमीन की पैमाइश का भारी विरोध, बिना नापी लौट गई अमीन टीम

मॉल निर्माण की चर्चा के बीच जमीन पर दावे को लेकर विवाद; दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच करेगा अंचल कार्यालय

रक्सौल। (Vor Desk)
नगर परिषद क्षेत्र के व्यस्ततम आदर्श चौक पर जमीन की पैमाइश को लेकर शुक्रवार को विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय प्रदीप कुमार गुप्ता, पिता स्व. जगदीश प्रसाद, की ओर से भूमि पर दावा किए जाने के बाद सरकारी स्तर पर पैमाइश के लिए पहुंची अमीन टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध के कारण बिना नापी किए ही टीम को वापस लौटना पड़ा।इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया,तीखी नोक झोंक के बीच तू तू मैं मैं की स्थिति आ गई।

अमीन शोभा कुमारी और भारत भूषण ने बताया कि रक्सौल एसडीएम के निर्देश पर अंचल कार्यालय को भूमि की पैमाइश कराने का आदेश मिला था। इसके बाद पत्रांक 229/2026-2027 के तहत अंचल अधिकारी के आदेश पर टीम स्थल पर पहुंची थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद नापी रोक दी गई और इसकी रिपोर्ट विभाग को दे दी गई है।

मॉल निर्माण की चर्चा के बीच जमीन पर दावा

मामला थाना संख्या-7, खाता संख्या-170 और खेसरा (प्लॉट) संख्या-1193 से जुड़ा बताया जा रहा है। उक्त भूमि पर व्यावसायिक मॉल निर्माण की योजना की चर्चा के बीच पैमाइश की पहल की गई थी। इसकी जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और संबंधित भू-स्वामी मौके पर जुट गए।विरोध और तीखी बहस शुरू हो गई।ऐतिहासिक और सार्वजनिक परिसर को संरक्षित करने के लिए लोग एकजुट नजर आए और हर लड़ाई लड़ने एलान किया।

प्रदीप कुमार गुप्ता ने उक्त भूमि पर अपना दावा करते हुए इसे पुश्तैनी जमीन बताया है। वहीं, मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने पैमाइश की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए संबंधित भूमि पर अपने स्वामित्व का दावा किया।आदर्श चौक की भूमि पर सरकारी कुवां और सार्वजनिक स्थल के लिए वर्षो से उपयोग की बात बताई गई। उनका आरोप है कि गलत दावे के आधार पर जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सीओ को आवेदन, पैमाइश रोकने की मांग

विरोध के बाद स्थानीय लोगों की ओर से रक्सौल के अंचल अधिकारी अरविंद कुमार को संयुक्त आवेदन सौंपा गया। आवेदन में दावा किया गया है कि जमीन से संबंधित कुछ कागजात कथित रूप से गलत तरीके से तैयार किए गए हैं। आवेदकों ने पूरे मामले की जांच कर विवादित भूमि की पैमाइश की प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की।

आवेदन देने वालों में राजन कुमार गुप्ता, श्रेयांश कुमार, उपेंद्र कुमार, सुनील सर्राफ, आशीष कुमार, अभिषेक अग्रवाल, पंकज दास और विकास कुमार सहित अन्य लोग शामिल हैं।

दोनों पक्षों के दस्तावेजों की होगी जांच : सीओ

अंचल अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि विवाद के कारण शुक्रवार को जमीन की नापी नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों की ओर से विरोध संबंधी आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों और संबंधित भूमि अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

सीओ ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को अनुचित लाभ नहीं दिया जाएगा। मामले की समीक्षा के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी को भी जांच के लिए कमेटी गठित करने संबंधी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

एक सदी से अधिक पुराना है आदर्श चौक

आदर्श चौक रक्सौल के पुराने सामाजिक और व्यावसायिक केंद्रों में शामिल रहा है। स्थानीय इतिहास के अनुसार इसे पुराने समय में ‘इनार चौक’ के नाम से भी जाना जाता था। यहां लंबे समय से हाट-बाजार लगता रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार ब्रिटिश शासन के दौर में भी इस पारंपरिक बाजार में कारोबारियों से टैक्स नहीं ली जाती थी।

समय के साथ यह स्थान शहर की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बना। केंद्र और राज्य स्तर के कई बड़े नेता इस चौक से लोगों को संबोधित कर चुके हैं।

अब जमीन की पैमाइश को लेकर सामने आए विवाद ने आदर्श चौक की भूमि, स्वामित्व और पुराने अभिलेखों से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की जांच और दोनों पक्षों के दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही भूमि के दावे और पैमाइश की अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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