Sunday, September 13

नेपाल-भारत संबंध ऐतिहासिक और अटूट, हर सुख-दुख में साथ खड़ा है भारत : नवीन श्रीवास्तव

वीरगंज में भारतीय राजदूत को भावभीनी विदाई, उद्योगपतियों व प्रबुद्धजनों ने साझा किए अनुभव; बाढ़ राहत में भारत की मदद की दी जानकारी

रक्सौल। (Vor desk)। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव का कार्यकाल पूरा होने पर वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में विदाई सह मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सीमावर्ती क्षेत्र के उद्योगपतियों, व्यवसायियों, समाजसेवियों और प्रबुद्धजनों ने राजदूत श्रीवास्तव के कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि नेपाल और भारत के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सदियों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच कायम मैत्री और पारस्परिक विश्वास भविष्य में और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल की आर्थिक समृद्धि और विकास के प्रति प्रतिबद्ध है तथा दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

भारतीय महावाणिज्यदूत श्री देवी सहाय मीणा ने राजदूत श्रीवास्तव के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके भावी दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि प्रसाद गौतम, उपाध्यक्ष माधव राज पाल, नेपाल-भारत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक वैद्य, पूर्व प्रदेश सभा सदस्य एवं उद्योगपति ओम प्रकाश शर्मा, संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप केडिया, गणेश लाठ, गोपाल केडिया, सुबोध गुप्ता, अशोक टेमानी और उद्योगपति शिवजी कलवार सहित सीमावर्ती क्षेत्र के कई प्रमुख उद्यमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

व्यापार और सीमावर्ती विकास में सहयोग को किया याद

उपस्थित लोगों ने नवीन श्रीवास्तव को कुशल कूटनीतिज्ञ बताते हुए नेपाल-भारत द्विपक्षीय व्यापार, सीमावर्ती क्षेत्र के विकास और आपसी सहयोग को मजबूत करने में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों से कायम सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के साथ आर्थिक साझेदारी भी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में नेपाल-भारत व्यापार, सामाजिक सहयोग और विकास साझेदारी नए आयाम हासिल करेगी।

बाढ़ त्रासदी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत

कार्यक्रम के दौरान राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल में आई बाढ़ एवं रसुवा-भोटेकोसी-त्रिशूली क्षेत्र की त्रासदी के बाद भारत की ओर से जारी राहत एवं बचाव सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2026 से अब तक भारतीय वायु सेना के आठ विमानों के माध्यम से 130 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है। इसमें तिरपाल, कंबल, स्वच्छता सामग्री, सौर लाइट और दवाइयां शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चिलिमे और लांगटांग में राहत एवं बचाव अभियान के लिए विशेष सुरंग बचाव दल सहित 54 विशेषज्ञ कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा डीएनए किट और फॉरेंसिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बहाल करने के लिए बेली ब्रिज के उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 230 फीट लंबे पुल के लिए 16 ट्रक सामग्री तथा सात अन्य पुलों के लिए आवश्यक उपकरण शामिल हैं।

नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि भारत नेपाल के हर सुख-दुख में उसके साथ खड़ा है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं सहयोग का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

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