Thursday, August 20

विश्व मिक्स बॉक्सिंग में स्वर्ण जीतकर लौटे 17 वर्षीय सनी का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत, खुली जीप में निकला विजय जुलूस

रक्सौल लौटा अपना चैंपियन, सनी के स्वागत में उमड़ा शहर

रक्सौल।(Vor desk)। काठमांडू में भारत का तिरंगा ऊंचा करने के बाद रक्सौल का अपना चैंपियन बुधवार को घर लौटा तो शहर ने उसे पलकों पर बिठा लिया। विश्व मिक्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले 17 वर्षीय सनी कुमार के रक्सौल पहुंचते ही स्टेशन परिसर ढोल-ताशे और नगाड़ों की आवाज से गूंज उठा। युवाओं और खेलप्रेमियों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत करते हुए बधाइयां दीं।

दिल्ली से ट्रेन से रक्सौल पहुंचे सनी को इसके बाद खुली जीप में सवार कर स्टेशन रोड, मेन रोड और आर्य समाज रोड होते हुए आश्रम रोड स्थित उनके पैतृक आवास ले जाया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने उनका अभिवादन किया। घर पहुंचने पर दादा हरिनारायण और दादी मनोरमा देवी ने तिलक लगाकर पोते का स्वागत किया।

वार्ड पार्षद रवि गुप्ता और भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष सीमा गुप्ता के नेतृत्व में सनी का अभिनंदन किया गया। मिठाई खिलाकर उन्हें उपहार दिए गए और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। मौके पर कमलेश गुप्ता, इरशाद अहमद, सुनील गुप्ता, संतोष पांडे और अविनाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य, युवा और प्रशंसक मौजूद रहे।

चार खेलों में भारत की जर्सी पहन चुके हैं सनी

29 से 31 जुलाई 2026 तक काठमांडू में हुई विश्व मिक्स बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सनी ने निर्णायक मुकाबले में भूटान के खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। 13 वर्ष की उम्र में युद्धक खेलों की शुरुआत करने वाले सनी अब तक मिक्स बॉक्सिंग, जू-जित्सु, एमएमए, किकबॉक्सिंग और ताइक्वांडो में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। चार अलग-अलग विधाओं में वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

अबू धाबी में एशियाई जू-जित्सु चैंपियनशिप में उन्होंने एशिया में 5वां और विश्व रैंकिंग में 11वां स्थान हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय किकबॉक्सिंग में स्वर्ण पदक के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर मिक्स बॉक्सिंग, जू-जित्सु और एमएमए में भी स्वर्ण सहित कई पदक उनके नाम हैं।

‘क्रिकेट के साथ दूसरे खेलों पर भी हो ध्यान’

घर लौटे सनी ने युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन के लिए खेल जरूरी है। भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। क्रिकेट ने देश को दुनिया में पहचान दिलाई है, लेकिन फुटबॉल, मार्शल आर्ट और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों में विश्व स्तर पर आगे बढ़ने की क्षमता है।

सनी के पिता अनिल कुमार रक्सौल में छोटी दुकान चलाते हैं और मां गृहिणी हैं। साधारण परिवार से निकलकर विश्व चैंपियन बने सनी की सफलता रक्सौल के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। अब उनका लक्ष्य भारत के लिए और बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतना है।

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