
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। ‘खेलेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया’ की भावना को चरितार्थ करते हुए रक्सौल के 17 वर्षीय प्रतिभावान खिलाड़ी सनी कुमार ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में देश का परचम लहराया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में 29 से 31 जुलाई तक आयोजित विश्व मिक्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सनी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता और 2026 के विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। 13 वर्ष की उम्र से कॉम्बैट स्पोर्ट्स से जुड़े सनी ने साबित किया है कि सही दिशा और कड़ी मेहनत हो, तो छोटे शहरों के युवा भी वैश्विक मंच पर सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं।
रक्सौल के सेक्रेड हार्ट स्कूल से शुरुआती शिक्षा प्राप्त करने के बाद पारुल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी कर चुके सनी वर्तमान में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र हैं, जहां उनकी खेल प्रतिभा को देखते हुए स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई है। रक्सौल में हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले पिता अनिल कुमार और गृहिणी मां रानी देवी के पुत्र सनी ने सीमित संसाधनों और साधनहीन परिस्थितियों के बावजूद अपने संकल्प और अनुशासन के बल पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
सनी कॉम्बैट स्पोर्ट्स की कई अलग-अलग स्पर्धाओं में महारत रखते हैं। मिक्स बॉक्सिंग में विश्व और राष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतने के अलावा उन्होंने किकबॉक्सिंग के के-वन (K-1) इवेंट में अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। जू-जित्सु में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता सनी ने संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में आयोजित एशियाई जू-जित्सु चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर एशिया में 5वीं और विश्व में 11वीं रैंकिंग हासिल की। इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में देश का प्रतिनिधित्व किया है तथा देवास (मध्य प्रदेश) में आयोजित ऑल इंडिया ताइक्वांडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें जू-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। इससे पूर्व वे जयपुर में आयोजित प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। कॉम्बैट स्पोर्ट्स की अन्य स्पर्धाओं में उनके नाम एमएमए (MMA) में राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण व एक रजत पदक तथा कराटे एवं लाठी खेल में राष्ट्रीय कांस्य पदक दर्ज हैं।
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सनी ने कहा कि देश के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराना ही उनका मुख्य सपना था। उन्होंने कहा कि यह तो महज एक शुरुआत है और अभी पूरी मंजिल तय करना बाकी है। कॉम्बैट स्पोर्ट्स में लगातार विश्व खिताब जीतकर देश को सर्वोच्च स्थान पर ले जाने का लक्ष्य रखने वाले सनी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।
