Thursday, August 13

गांजा तस्करी में बर्खास्त सिपाही सह बखरी मुखिया अख्तर साह को 10 साल की सजा

मोतिहारी/रक्सौल(Vor Desk)। बिहार पुलिस के बर्खास्त सिपाही, आदापुर प्रखंड की बखरी पंचायत के मुखिया और गांजा तस्करी के आरोपी अख्तर साह को मोतिहारी एनडीपीएस कोर्ट-1 ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले में आदापुर थाना की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर एनडीपीएस कोर्ट-1 की न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने फैसला सुनाया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शंभू शरण सिंह ने पक्ष रखा।

स्कॉर्पियो से बरामद हुआ था 131 किलो गांजा

मामला 14 जुलाई की रात की कार्रवाई से जुड़ा है। एसएसबी 71वीं बटालियन के कमांडेंट प्रफुल कुमार को अख्तर साह के गांजा तस्करी नेटवर्क की जानकारी मिली थी। इसके बाद एसएसबी और आदापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने झिटकहिया गांव स्थित उसके आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान उसके दरवाजे पर खड़ी स्कॉर्पियो से सप्लाई के लिए रखा 131 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा के साथ स्कॉर्पियो जब्त करते हुए अख्तर साह को गिरफ्तार किया था।

बर्खास्तगी के बाद बना पंचायत मुखिया

अख्तर साह मूल रूप से आदापुर प्रखंड के बखरी पंचायत के झिटकहिया गांव निवासी मेराजुल हक का पुत्र है। जानकारी के अनुसार वह पहले बखरी पंचायत का पैक्स अध्यक्ष चुना गया था। बिहार पुलिस में सिपाही के रूप में चयन होने के बाद उसने पैक्स अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर मुजफ्फरपुर जिले में सिपाही के पद पर योगदान दिया था।

पुलिस सेवा के दौरान उस पर एटीएम लूट, एटीएम फ्रॉड, मादक पदार्थों के कारोबार और अपहरण जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगे। विभागीय कार्रवाई के बाद उसे बिहार पुलिस की नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

इसके बाद वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में वह बखरी पंचायत से मुखिया निर्वाचित हुआ। आरोप है कि पद पर रहते हुए भी उसने भारत-नेपाल सीमा की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर मादक पदार्थों के कारोबार को आगे बढ़ाया।

कई राज्यों तक फैला था तस्करी नेटवर्क

जांच में सामने आया कि अख्तर साह का गांजा तस्करी का नेटवर्क बिहार से बाहर कई राज्यों तक फैला हुआ था। उसका आवास भारत-नेपाल सीमा से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित होने के कारण तस्करी के लिए सीमा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति उसके लिए अनुकूल थी। आरोप है कि वह अपने आवास का इस्तेमाल गांजा के भंडारण और सप्लाई के लिए करता था।

आदापुर थाना में इस मामले को लेकर कांड संख्या दर्ज की गई थी। अनुसंधान के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की और विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अख्तर साह को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

जेल जाने के बाद उपमुखिया संभाल रहे पंचायत

गांजा तस्करी के मामले में अख्तर साह के जेल जाने के बाद बखरी पंचायत के उपमुखिया टिकुलिया गांव निवासी काशी मुखिया को मुखिया का प्रभार दिया गया। वर्तमान में पंचायत का कामकाज भी काशी मुखिया के द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!