Thursday, August 13

बॉर्डर पर फर्जीवाड़े का खेल: आदापुर में फर्जी आधार बनाने वाले दो धराए

एसएसबी-पुलिस की संयुक्त छापेमारी में खुलासा, भारतीय और नेपाली नागरिकों के लिए तैयार किए जा रहे थे नकली आधार; लैपटॉप, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद

रक्सौल, एक संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के धंधे का बड़ा खुलासा हुआ है। सीमा से करीब 13 किलोमीटर अंदर आदापुर थाना क्षेत्र में एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी है।

इंटेलिजेंस इनपुट पर हुई कार्रवाई

एसएसबी के अनुसार मोतिहारी स्थित 71वीं वाहिनी एसएसबी की ‘सी’ कंपनी बेलदरवामठ को इंटेलिजेंस सेटअप से फर्जी आधार कार्ड तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सोमवार, 10 अगस्त 2026 को शाम करीब चार बजे बिहार पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया।

आदापुर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के नेतृत्व में टीम ने विष्णुपुरवा गांव स्थित एक दुकान में छापेमारी की। यहां से दुकान संचालक राम विनय कुमार चौरसिया, पिता प्रेम भगत, निवासी विष्णुपुरवा गांव एवं डाकघर, थाना आदापुर, पूर्वी चंपारण को हिरासत में लिया गया।

लैपटॉप और मोबाइल समेत संदिग्ध सामान बरामद

छापेमारी के दौरान टीम को फर्जी आधार कार्ड, एक लैपटॉप, ‘Readme’ कंपनी का मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मिली। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर ‘डी-प्रिंट पोर्टल’ एप्लीकेशन के माध्यम से फर्जी आधार तैयार करता था। भारतीय और नेपाली नागरिकों से इसके लिए करीब 300 रुपये लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

13 किमी अंदर चल रहा था खेल

एसएसबी के मुताबिक जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या BP 384/18 से करीब 13 किलोमीटर भारतीय क्षेत्र के अंदर स्थित है। घटनास्थल का ग्रिड रेफरेंस N: 26.893845, E: 84.885099 बताया गया है।

वर्षा कंप्यूटर दुकान पर भी छापा

इसी जांच के क्रम में एसएसबी और आदापुर पुलिस की टीम ने आदापुर बाजार स्थित वर्षा कंप्यूटर दुकान पर भी छापेमारी की। पुलिस के अनुसार यहां भी फर्जी आधार तैयार किए जाने की गतिविधि सामने आई और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उपलब्ध जानकारी में दूसरे गिरफ्तार व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है।

कितने फर्जी आधार बने, खंगाला जा रहा नेटवर्क

दोनों आरोपियों के खिलाफ आदापुर थाना कांड संख्या 277/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड तैयार किए गए, किन भारतीय और नेपाली नागरिकों के लिए बनाए गए और उनका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।

जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने के अलावा साइबर माध्यम से दस्तावेजों के दुरुपयोग और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

बरामदगी और आरोपी थाना पुलिस को सौंपे गए

एसएसबी के मुताबिक बरामद सामान और गिरफ्तार राम विनय कुमार चौरसिया को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आदापुर थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरे मामले में थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के नेतृत्व में आगे की जांच जारी है।

फर्जी दस्तावेजों के इस खेल के खुलासे के बाद सीमा क्षेत्र के साइबर कैफे और ऑनलाइन सेंटर संचालकों में हड़कंप है। पुलिस और एसएसबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिर्फ दो दुकानों तक सीमित मामला है या इसके पीछे सीमा पार तक फैला कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

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