Wednesday, August 5

फर्जी आधार कार्ड से भारत में पहचान बना नेपाल का युवक, नाबालिग को नेपाल ले जाते गिरफ्तार

रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी के प्रयास का एक गंभीर मामला सामने आया है। 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने मैत्री ब्रिज के पास कार्रवाई कर फर्जी भारतीय आधार कार्ड रखने वाले नेपाल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके साथ करीब 16 वर्षीय भारतीय नाबालिग लड़की भी मिली, जिसे वह शादी का झांसा देकर नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहा था। सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेराज देवान (22), जिला रौतहट, नेपाल के रूप में हुई है। जांच में उसके पास भारत का फर्जी आधार कार्ड होने की बात सामने आई है। यह तथ्य सीमा पार पहचान के दुरुपयोग और मानव तस्करी के प्रयास से जुड़े मामले को और गंभीर बनाता है।

फेसबुक मैसेंजर से बनाया संपर्क, निजी फोटो-वीडियो से दबाव

एएचटीयू की पूछताछ के अनुसार, आरोपी ने करीब एक माह पहले फेसबुक मैसेंजर के जरिए सीतामढ़ी जिले की रहने वाली नाबालिग से संपर्क किया। उसने प्रेम संबंध का झांसा देकर उसका भरोसा जीता और उसके निजी फोटो एवं वीडियो हासिल कर लिए। बाद में इन्हीं के आधार पर कथित रूप से मानसिक दबाव बनाते हुए शादी का झांसा दिया।

उस समय नाबालिग अपने माता-पिता के साथ पंजाब के जालंधर में रह रही थी। उसके माता-पिता वहां एक फैक्ट्री में काम करते हैं। आरोपी के बहकावे में आकर नाबालिग बिना परिजनों को बताए ट्रेन से मुजफ्फरपुर पहुंची, जहां आरोपी पहले से मौजूद था। इसके बाद वह उसे नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहा था।

पूछताछ में खुला झूठ, परिजनों ने बताया लापता थी

मैत्री ब्रिज के पास जांच के दौरान आरोपी ने नाबालिग को अपना रिश्तेदार बताया। हालांकि, एएचटीयू टीम की पूछताछ और काउंसलिंग में उसका दावा गलत पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नाबालिग को शादी करने के नाम पर नेपाल ले जा रहा था।

परिजनों से संपर्क करने पर पता चला कि नाबालिग 2 अगस्त 2026 से लापता थी और परिवार उसकी तलाश कर रहा था।

एनजीओ की मदद से समय रहते बचाई गई नाबालिग

कार्रवाई में प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण और स्वच्छ रक्सौल संस्था के प्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया। एएचटीयू, एसएसबी और एनजीओ की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई तथा काउंसलिंग के बाद नाबालिग को संभावित शोषण और मानव तस्करी के खतरे से सुरक्षित बचा लिया गया।

आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी सेराज देवान और नाबालिग को हरैया थाना, रक्सौल के सुपुर्द कर दिया गया। स्वच्छ रक्सौल संस्था के अध्यक्ष रणजीत सिंह के आवेदन पर कांड संख्या 111/26, दिनांक 4 अगस्त 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

अभियान में ये रहे शामिल

मानव तस्करी रोधी इकाई, 47वीं वाहिनी एसएसबी की टीम में सहायक उप निरीक्षक खेमराज, हवलदार अरविंद द्विवेदी, महिला सिपाही साधना सिन्हा और महिला सिपाही श्रीदेवी शामिल थीं। वहीं, प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर से आरती कुमारी, राज गुप्ता और अभिषेक कुमार तथा स्वच्छ रक्सौल संस्था से साबरा खातून ने सहयोग किया।

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