
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने वरीय अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य एवं भू-अर्जन की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद रक्सौल परिसदन में समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए जिन रैयतों का मुआवजा भुगतान अभी लंबित है, उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने रक्सौल अंचल अधिकारी को निर्देश दिया कि जिन रैयतों का भुगतान नहीं हो सका है, उनके एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र) तथा भूमि संबंधी सभी आवश्यक अभिलेख एक सप्ताह के भीतर जिला भू-अर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्राप्त अभिलेखों की नियमित समीक्षा करते हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और पात्र रैयतों को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा बैठक में रक्सौल अनुमंडल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा को भी निर्देश दिया गया कि वे अंचल अधिकारी के साथ नियमित समीक्षा करें तथा शेष बचे रैयतों से संबंधित सभी अभिलेख समय पर जिला भू-अर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।
निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी मोतिहारी, अनुमंडल पदाधिकारी रक्सौल, अंचल अधिकारी रक्सौल, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना को सीमावर्ती क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि लंबित भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के अगले चरणों में तेजी आएगी।
