
रक्सौल।(Vor desk)।
रक्सौल बॉर्डर, रेलवे स्टेशन और पीएचसी परिसर सहित पूरे क्षेत्र में “दो बूंद जिंदगी की” नारे के साथ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शंखनाद हो गया है। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए जगह-जगह विशेष केंद्र बनाए गए हैं। इस अभियान का विधिवत उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) जय प्रकाश और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बच्चों को खुद अपने हाथों से पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सभी टीमें इस राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि क्षेत्र का एक भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। विशेष रूप से नेपाल से आने-जाने वाले बच्चों पर कड़ी नजर रखने की हिदायत दी गई है। यह विशेष अभियान आगामी 2 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा।
इस महाअभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बेहद व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए हैं। क्षेत्र के करीब 60 हजार बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लक्ष्य के साथ कुल 96 हाउस-टू-हाउस टीमें घर-घर दस्तक दे रही हैं। इसके अलावा राह चलते बच्चों के लिए 33 ट्रांजिट टीमें, नेपाल सीमा पर विशेष रूप से तैनात 5 बॉर्डर ट्रांजिट टीमें, 4 मोबाइल टीमें और 1 वन-मैन टीम लगातार सक्रिय हैं। इन सभी टीमों के कामकाज की कड़ी निगरानी और सटीक मॉनिटरिंग के लिए 35 विशेष पर्यवेक्षकों को भी मैदान में उतारा गया है।
डॉ. राजीव रंजन कुमार ने इस अभियान की संवेदनशीलता और गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भले ही भारत को पोलियो मुक्त हुए 15 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो के सक्रिय मामले मिल रहे हैं। नेपाल के साथ भारत की सीमाएं पूरी तरह खुली होने के कारण और वहां इन देशों के नागरिकों की आवाजाही से भारत में दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसी जोखिम को टालने के लिए सीमावर्ती इलाकों में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि यात्रा के दौरान भी अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प अटूट रहे। इस उद्घाटन के मौके पर डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. अमित कुमार जायसवाल, बीएचएम आशीष कुमार, आशा प्रबंधक सुमित कुमार सिन्हा और डब्लूएचओ के एफएम नूर सलाम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
