
रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की काली कमाई और तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) और बिहार की महुआवा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 किलोग्राम अफीम (ओपियम) के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में दो नेपाली और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो सीमा पार ड्रग्स का नेटवर्क चला रहे थे।
खुफिया इनपुट पर घेराबंदी, भारतीय क्षेत्र में दबोचे गए तस्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महुआवा थाना पुलिस को वाहन जांच के दौरान एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से कोरैया गाँव होते हुए सैनिक रोड के रास्ते कुछ तस्कर मोटरसाइकिल पर सवार होकर अफीम की बड़ी खेप लेकर भारतीय इलाके में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना मिलते ही बिना वक्त गंवाए इस इनपुट को एसएसबी (SSB) की 71वीं बटालियन के साथ साझा किया गया। इसके बाद एसएसबी के कोरैया कैंप, 71वीं बटालियन मोतिहारी और महुआवा थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया। टीम ने भारत के पूर्वी चंपारण में सीमा स्तंभ (पिलर संख्या) 381 के पास, सीमा से करीब 150 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्धों को रोक लिया।
पैकेजिंग समेत 2 किलो अफीम और मोटरसाइकिल बरामद
सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने जब संदिग्धों को घेरकर उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से पैकेजिंग सहित करीब 2 किलोग्राम अफीम जैसा नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है।
एसएसबी मुख्यालय पिपराकोठी के सहायक कमांडेंट विश्वजीत तिवारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार, गिरफ्तार किए गए नेपाली तस्करों की पहचान बारा (नेपाल) के धांगड़ सुखी चौक (लंगड़ा चौक) निवासी 41 वर्षीय सोनेलाल पासवान और 40 वर्षीय दिनेश राम के रूप में हुई है। वहीं, पकड़ा गया तीसरा भारतीय तस्कर लालबाबु सिंह (40 वर्ष) बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के जितना थाना क्षेत्र के भवानीपुर का रहने वाला है।
अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को खंगालने में जुटी पुलिस
एसएसबी के प्रवक्ता विनीत कुमार सिंह ने बताया कि बरामद अफीम, मोटरसाइकिल और गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महुआवा थाना पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया गया है। महुआवा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं तथा भारत और नेपाल में इनके मुख्य हैंडलर कौन हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
