
रक्सौल।(Vor desk)। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को शहर के लक्ष्मीपुर स्थित एसआरपी मेमोरियल अस्पताल परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। अस्पताल के डायरेक्टर सह मुख्य चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार के नेतृत्व में आयोजित शिविर में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी का विशेष सहयोग रहा। शिविर में कुल 20 लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए मानवता का संदेश दिया।
शिविर में एसएसबी के कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. निशिकांत अपनी टीम के साथ शामिल हुए। रंजीत सिंह, रवि मस्करा समेत एसएसबी के कई जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. सुजीत कुमार ने कहा कि रक्तदान महादान है। किसी व्यक्ति को खून की आवश्यकता तब पड़ती है, जब उसकी जिंदगी और मौत का सवाल होता है। ऐसे समय में रक्तदान किसी के लिए नया जीवन साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल जरूरतमंदों की सहायता होती है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

एसएसबी के कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. निशिकांत ने भी लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे शरीर को किसी प्रकार की हानि नहीं होती। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि जरूरत के समय किसी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।
शिविर के दौरान उद्योगपति संजय कुमार गुप्ता, समाजसेवी शंभू प्रसाद चौरसिया, राजू गुप्ता, रमेश गुप्ता, पवन किशोर कुशवाहा, एसआरपी मेमोरियल अस्पताल के पवन कुमार कुशवाहा एवं आशीष कुमार उपस्थित रहे। वहीं, शिविर के सफल संचालन में अस्पताल कर्मी धनीलाल कुमार, कार्तिकेय कुमार और ज्याउल हक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
