
खुली भारत-नेपाल सीमा पर विदेशी नागरिकों की बढ़ती गतिविधियों के बीच नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, दस्तावेज जांच अभियान तेज
रक्सौल/वीरगंज।(Vor desk)। भारत-नेपाल की सबसे व्यस्त और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में शामिल रक्सौल-वीरगंज बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और कड़ी कर दी है। हाल के महीनों में विभिन्न देशों के नागरिकों के सीमा क्षेत्र में पकड़े जाने की घटनाओं के बाद नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और आव्रजन विभाग ने संयुक्त रूप से विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी है।
इसी क्रम में रविवार को वीरगंज के शंकराचार्य गेट पर नेपाल पुलिस ने कजाकिस्तान की 28 वर्षीय नागरिक एसेल किडिमोल्डा और उनके नाबालिग पुत्र को हिरासत में लिया। दोनों रक्सौल से मैत्री पुल होते हुए नेपाल में प्रवेश कर रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि मां-बेटे दोनों के वीजा की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वे सीमा क्षेत्र में आवाजाही कर रहे थे।
पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एवं डीएसपी हरिबहादुर बस्नेत ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए उसी दिन वीरगंज स्थित आव्रजन कार्यालय को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि आव्रजन नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सीमा क्षेत्र में निगरानी अभियान लगातार जारी रहेगा।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था के कारण रक्सौल-वीरगंज बॉर्डर दोनों देशों के लिए व्यापार, पर्यटन और जन-आवागमन का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है। प्रतिदिन हजारों लोगों और सैकड़ों मालवाहक वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में रक्सौल-वीरगंज सीमा से विभिन्न देशों के नागरिकों के पकड़े जाने की घटनाओं ने एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। इसके बाद शंकराचार्य गेट, मैत्री पुल तथा अन्य प्रवेश बिंदुओं पर विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, वीजा और यात्रा दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। मानव तस्करी, अवैध आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आवाजाही के बीच रक्सौल-वीरगंज जैसे खुले सीमा क्षेत्रों में भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचना साझाकरण और संयुक्त निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। दोनों देशों के लिए यह सीमा केवल व्यापारिक गलियारा ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
