
मीडिया सम्मान समारोह में बोले महासचिव शम्भू चौरसिया, नेपाली मुद्रा विनिमय, टैक्स नीति और व्यापारिक चुनौतियों पर रखी बात
रक्सौल। (Vor desk) रक्सौल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सीमा पार स्थित वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सहयोग और समन्वय से रक्सौल बॉर्डर तथा सीमावर्ती व्यापार से जुड़ी समस्याओं के समाधान और क्षेत्रीय विकास के लिए सक्रिय पहल करेगा। यह बात चैंबर के महासचिव शम्भू चौरसिया ने पंकज वाटिका में आयोजित मीडिया सम्मान सह पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि रक्सौल और वीरगंज के व्यापारिक संगठनों के बीच लंबे समय से बेहतर समन्वय रहा है। नेपाल की कस्टम एवं कर नीति से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच संवाद होता रहा है। चौरसिया ने बताया कि चैंबर ने नेपाल सरकार से 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर लगने वाले कर की सीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये किया गया। अब चैंबर की मांग है कि कम-से-कम 5,000 रुपये मूल्य तक के भारतीय सामान को कर-मुक्त रखा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाल सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।
सीमा की नीतियों का व्यापार पर पड़ा असर
महासचिव ने स्वीकार किया कि नेपाल की नीतियों और द्विपक्षीय संबंधों में समय-समय पर आए उतार-चढ़ाव का प्रभाव रक्सौल सहित पूरे सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापार पर पड़ा है। सीमा पर बढ़ी जांच, कड़ाई और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से व्यापारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि चैंबर का उद्देश्य रक्सौल के व्यापार और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है। इसके लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, विधायक और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष लगातार मुद्दे उठाए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सहयोग से ही व्यापारिक समस्याओं का समाधान और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
नेपाली मुद्रा विनिमय की समस्या प्रमुख मुद्दा
चौरसिया ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर दोनों देशों की मुद्राएं प्रचलन में हैं, लेकिन नेपाली मुद्रा विनिमय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से व्यापारियों और आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि रक्सौल में मनी एक्सचेंज काउंटर की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसी क्रम में विदेशी मुद्रा विनिमय केंद्र खुले हैं, लेकिन नेपाली मुद्रा विनिमय की व्यापक व्यवस्था अब भी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों तथा नेपाली और भूटानी मुद्रा को विदेशी मुद्रा का दर्जा प्राप्त नहीं होने जैसी तकनीकी बाधाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद चैंबर इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।
हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में अवैध नेपाली और भारतीय मुद्रा की जब्ती की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बिहार सरकार और संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।
छापेमारी में चैंबर को भी मिले सूचना
व्यापारिक प्रतिष्ठानों और फैक्ट्रियों में आयकर, ईडी, जीएसटी तथा डीआरआई जैसी एजेंसियों की हालिया छापेमारियों के सवाल पर चौरसिया ने कहा कि ऐसी कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित व्यापारिक संगठन को भी इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि चैंबर के प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्वीकार की जाए तो कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में विश्वास और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगे।
बिहार चैंबर से जुड़ाव से मिली मजबूती
महासचिव ने बताया कि रक्सौल चैंबर का जुड़ाव बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से है। हाल ही में अध्यक्ष राकेश कुशवाहा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पटना जाकर बिहार चैंबर के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुआ था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1926 में स्थापित बिहार चैंबर के मार्गदर्शन और संरक्षण से रक्सौल चैंबर को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की ताकत मिली है।
2020 में हुई थी स्थापना, अब 100 से अधिक सदस्य
चौरसिया ने बताया कि रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान हुई थी। स्थापना के बाद संस्था ने ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य शिविर लगाने, खाद्यान्न वितरण और जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने जैसे सामाजिक कार्य भी किए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में हुए चुनाव के बाद राकेश कुशवाहा के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी गठित हुई। संस्था के सदस्य संख्या जहां शुरुआत में लगभग 20 थी, वहीं अब यह बढ़कर 100 से अधिक हो चुकी है। जल्द ही डोर-टू-डोर सदस्यता अभियान चलाकर हजारों व्यापारियों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यालय स्थापना और रोजगार सृजन की भी योजना
चौरसिया ने कहा कि चैंबर शीघ्र ही अपना कार्यालय स्थापित करेगा। साथ ही वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ की तर्ज पर रोजगार सृजन और युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
भविष्य की कार्ययोजना के सवाल पर उन्होंने कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा करना और रक्सौल की आर्थिक एवं व्यावसायिक प्रगति के लिए आवाज उठाना है। संगठन से जुड़े और गैर- जुड़े सभी व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए वैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से पहल जारी रहेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चैंबर के अधिकारी रहे उपस्थित
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चैम्बर के अध्यक्ष राकेश कुशवाहा, कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष नितिन कुमार, दिनेश प्रसाद, गिरधारी लाल श्रीवास्तव, रमेश प्रसाद, गणेश अग्रवाल, दिनेश धानोठिया, अजय कुमार, दिलीप शाह, विश्वनाथ प्रसाद, रमेश पूजन,रिची रोहन सहित अनेक वरिष्ठ व्यवसायी और उद्यमी उपस्थित थे।
