Wednesday, May 13

दरभंगा-रक्सौल रेलखंड की जमीन होगी डिजिटल निगरानी में, अतिक्रमण पर रेलवे की बड़ी कार्रवाई की तैयारी

रक्सौल। (Vor Desk)
रेलवे अब अपनी जमीन की सुरक्षा, पारदर्शी प्रबंधन और अतिक्रमण रोकने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा ले रहा है। इसी कड़ी में समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत दरभंगा-रक्सौल रेलखंड की रेलवे भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। रेलवे की इस पहल को अतिक्रमण पर लगाम लगाने और राजस्व हानि रोकने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत तैयार होगा डिजिटल डेटाबेस

रेलवे द्वारा “ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम” के अंतर्गत रेलवे भूमि की ऑनलाइन मैपिंग और डिजिटल डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके तहत रेलवे की प्रत्येक जमीन का विस्तृत ब्यौरा सिस्टम में अपलोड किया जाएगा।
इस डिजिटल रिकॉर्ड में जमीन की सीमा, वर्तमान उपयोग, स्थिति और संबंधित तकनीकी विवरण दर्ज रहेगा, जिससे अधिकारी किसी भी समय ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से अतिक्रमण की पहचान आसान होगी और अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

कई रेलखंडों में पूरा हो चुका है सर्वे

समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत पहले चरण में समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर-रोसड़ा, समस्तीपुर-बरौनी तथा समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंडों में सर्वे और डिजिटल रिकॉर्डिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।
अब अगले चरण में दरभंगा-रक्सौल रेलखंड को शामिल किया गया है।

फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी से होगी निगरानी

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के दौरान रेलवे भूमि की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और तकनीकी डेटा संग्रह भी किया जाएगा।
फिलहाल बड़े रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण परिसरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि छोटे स्टेशन और हाल्ट को बाद में इस योजना में जोड़ा जाएगा।

जमीन के उपयोग का होगा स्पष्ट वर्गीकरण

नई प्रणाली के तहत यह भी दर्ज किया जाएगा कि कौन सी रेलवे भूमि खाली है, कौन सी व्यावसायिक उपयोग में है और किन क्षेत्रों में मखाना उत्पादन, पौधारोपण या अन्य गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

इसके अलावा रेलवे स्टेशन, रेल कॉलोनी, कारखानों तथा रेललाइन के आसपास की भूमि का भी विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

2023 में रेलवे बोर्ड ने दिया था प्रस्ताव

रेलवे बोर्ड की स्थायी समिति ने वर्ष 2023 में रेलवे भूमि के डिजिटलाइजेशन का प्रस्ताव दिया था। इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे संपत्तियों को सुरक्षित करना, अवैध कब्जे रोकना और राजस्व हानि पर नियंत्रण करना है।

हाजीपुर के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने इस पहल की पुष्टि करते हुए कहा कि डिजिटल रिकॉर्डिंग से रेलवे भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी तथा अतिक्रमण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

रक्सौल में भी रेलवे भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण

रक्सौल में रेलवे की जमीन लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है। रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी किए जाने के बावजूद मुख्य पथ स्थित पुराने बस स्टैंड की भूमि समेत आसपास के क्षेत्रों में अवैध कब्जा कायम है।

स्थानीय स्तर पर रेलवे भूमि पर अवैध दुकानें, पार्किंग और कथित रूप से “सटही” जैसे अवैध कारोबार संचालित होने की चर्चा रही है। सूत्रों के अनुसार इन गतिविधियों से लाखों रुपये की अवैध उगाही भी हो रही है।

बताया जाता है कि पुराने बस स्टैंड की भूमि पार्किंग संचालन के लिए लीज पर दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट पाया है। इस मामले को लेकर लीज होल्डर सुशील कुमार ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद रेलवे महकमे में हलचल तेज हो गई है।

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