
रक्सौल।(Vor desk)। नगर परिषद रक्सौल के भीतर विकास योजनाओं के चयन और उनके क्रियान्वयन को लेकर चल रहा आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। वार्ड संख्या 17 की पार्षद सह सशक्त स्थाई समिति की सदस्य अंतिमा देवी ने कार्यवाहक मुख्य पार्षद पुष्पा देवी पर विकास कार्यों में गंभीर भेदभाव और सौतेला व्यवहार करने का संगीन आरोप मढ़ा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने जिलाधिकारी मोतिहारी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर नगर परिषद की वर्तमान कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और जनहित में जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
पार्षद अंतिमा देवी ने जिलाधिकारी को सौंपे गए आवेदन में यह तर्क दिया है कि 16 नवंबर 2023 को आयोजित सशक्त स्थाई समिति की बैठक में वार्ड संख्या 17 को सर्वसम्मति से ‘स्मार्ट वार्ड’ के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया था। उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि इस वार्ड का एक बड़ा हिस्सा स्लम क्षेत्र और अत्यंत पिछड़ा है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा चयनित योजनाओं को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर कार्यवाहक मुख्य पार्षद के कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि अपने मूल दायित्वों का निर्वहन करने के बजाय भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का चहुंमुखी विकास पूरी तरह ठप हो गया है।
योजनाओं के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए पार्षद ने बताया कि फरवरी 2023 में पारित प्रस्ताव संख्या 06 के तहत नहर सैनिक रोड से बड़ा परेउवा बस्ती होते हुए रेलवे ढाला तक की सड़क योजना की निविदा प्रक्रिया फिर से शुरू होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2024 में सशक्त समिति की बैठक में शहर की कुल 305 योजनाओं का चयन बहुमत से हुआ था, जिसमें वार्ड संख्या 17 की 34 महत्वपूर्ण योजनाएं भी शामिल थीं। हालांकि, अक्टूबर 2024 में साधारण बोर्ड की बैठक में इन योजनाओं की प्रशासनिक संपुष्टि होने के बावजूद अब तक धरातल पर ईंट भी नहीं रखी गई है।
शिकायत पत्र में विशेष रूप से वार्ड संख्या 17 के प्राथमिक विद्यालय से मोबारक अंसारी के घर होते हुए मो. सदाम के घर तक पीसीसी सड़क व नाला निर्माण, टेम्पु यादव के घर से अवधेश यादव के घर तक सड़क निर्माण और वार्ड संख्या 16 में कब्रिस्तान गेट तक की योजनाओं का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। अंतिमा देवी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि बड़ा परेउवा और आसपास के क्षेत्रों की इन जीवनदायिनी योजनाओं को शीघ्र क्रियान्वित कराया जाए ताकि स्थानीय नागरिकों को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके। दूसरी ओर, जब इस संदर्भ में कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया है।उन्होंने कहा कि लगातार विकास कार्य हो रहे हैं।सभी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। फिलहाल, रक्सौल की राजनीति में इस ‘विकासीय रार’ ने नई बहस छेड़ दी है।
