
रक्सौल।(Vor desk)। बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप के बीच आम जनजीवन को राहत पहुंचाने के लिए रक्सौल नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आपदा प्रबंधन विभाग और पूर्वी चंपारण के जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देशों का पालन करते हुए, नगर परिषद प्रशासन ने शहर के आठ स्थानों पर अस्थायी प्याऊ (पेयजल केंद्र) की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में सड़कों पर निकलने वाले राहगीरों और यात्रियों को शुद्ध पेयजल की सुलभ उपलब्धता प्रदान करना है।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में लू और डिहाइड्रेशन के खतरों को देखते हुए यह विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि शहर के किसी भी व्यस्त चौराहे या सार्वजनिक स्थल पर लोगों को पानी के लिए भटकना न पड़े। इसी क्रम में शहर के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां शुद्ध पेयजल की चौकस व्यवस्था की गई है।
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, रक्सौल के कौड़िहार चौक, कोइरीया टोला, रेलवे स्टेशन, जन सुविधा भवन (नगर परिषद), मैत्री पुल, डंकन चौक, नहर चौक तथा अनुमंडल अस्पताल परिसर में ये प्याऊ केंद्र सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। दिन के समय, जब धूप का प्रभाव सबसे अधिक होता है, इन केंद्रों पर शीतल और स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों के तहत यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक गर्मी का प्रकोप बना रहता है। इस मानवीय पहल से न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि रेलवे स्टेशन और मैत्री पुल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल रही है। शहरवासियों ने नगर परिषद के इस जनहितैषी कार्य की सराहना की है।
