
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल के बिजली उपभोक्ताओं को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिलने वाली है। ऊर्जा विभाग की एक नई और प्रभावी पहल के अंतर्गत अप्रैल महीने के हर सोमवार और शुक्रवार को विशेष समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निपटारा करना है। रक्सौल के विद्युत कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने इस योजना की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग अब उपभोक्ताओं की सेवा को अधिक सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ दर्ज की गई किसी भी शिकायत का निवारण अधिकतम 72 घंटों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों को लंबे समय तक तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।
इन शिविरों के माध्यम से विभाग ने व्यापक स्तर पर समस्याओं को कवर करने का प्रयास किया है। उपभोक्ता अपने बिजली बिलों में सुधार, बकाया राशि के भुगतान, और स्मार्ट प्रीपेड मीटर से संबंधित किसी भी तकनीकी गड़बड़ी के समाधान के लिए यहाँ पहुँच सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं जैसे कि झुके हुए पोल, ढीले तार, कम वोल्टेज की स्थिति और खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों को भी प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। जो लोग नया बिजली कनेक्शन लेना चाहते हैं या कृषि कार्यों के लिए कनेक्शन हेतु आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए भी ये शिविर एक बेहतर मंच साबित होंगे। साथ ही, नाम परिवर्तन की प्रक्रिया और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर योजना के बारे में भी विस्तृत जानकारी और सहायता इन केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है।
समय और स्थान के संदर्भ में कार्यपालक अभियंता ने बताया कि ये शिविर अप्रैल माह के प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सभी विद्युत अभियंता कार्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपनी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए अपने साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे कि पुराना बिजली बिल, आधार कार्ड और फोटो अनिवार्य रूप से लेकर आएं। दस्तावेजों की उपलब्धता से मौके पर ही कार्रवाई करना आसान होगा और विभाग अपने निर्धारित 72 घंटे के लक्ष्य को कुशलतापूर्वक पूरा कर सकेगा। इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं का समय बचेगा बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में भी अधिक जवाबदेही और स्पष्टता आएगी।
