
आईसीपी,ड्राइपोर्ट ,कस्टम निरीक्षण के बाद की बैठ,मंत्री ने कहा- ‘बेड़ियाँ तोड़कर उड़ेगा निजी क्षेत्र, राजस्व चोरी पर नपेंगे अधिकारी’
वीरगंज।(Vor desk)।नेपाल में सत्ता परिवर्तन और बालेंद्र शाह सरकार गठन के बाद पहली बार भारतीय सीमा से सटे औद्योगिक शहर वीरगंज पहुंचे अर्थमन्त्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। शुक्रवार को वीरगंज स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), सिर्सिया सूखा बंदरगाह और वीरगंज भन्सार का निरीक्षण करने के बाद मन्त्री वाग्ले ने वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के सभागार में आयोजित ‘पूर्व-बजट संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए आगामी बजट को निजी क्षेत्र के लिए ‘आर्थिक रूपांतरण’ का दस्तावेज बताया।कहा कि अब एक मात्र लक्ष्य देश की तरक्की और समुन्नति है।
निरीक्षण और सख्त निर्देश: राजस्व चोरी पर शून्य सहनशीलता
निरीक्षण के दौरान अर्थमन्त्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब “पहले जैसी सरकार नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यालय में राजस्व चोरी पाए जाने पर सीधे तौर पर कार्यालय प्रमुख को जिम्मेदार माना जाएगा और उन पर कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने भन्सार(कस्टम) प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन करने, दो दशक से बंद पड़ी कंटेनर एक्स-रे मशीन को तत्काल शुरू करने और राजमार्गों पर अवैध वसूली के लिए लगाए गए ‘ढाट’ (बैरियर) हटाने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने आईसीपी से जल्द ही यात्री शाखा संचालित करने और तीसरे देशों के पर्यटकों को वहीं से इमिग्रेशन सुविधा देने की घोषणा की।
उद्योगपतियों की मांग: ‘सुधार नहीं तो पलायन’
वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरि गौतम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बारा-पर्सा औद्योगिक कॉरिडोर के उद्यमियों ने अपनी चिंताएं रखीं। अध्यक्ष हरि गौतम ने अर्थमन्त्री से ‘उच्चस्तरीय आर्थिक सुधार आयोग’ की रिपोर्ट को लागू करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीतियों में सुधार नहीं हुआ, तो उद्योगपति देश छोड़ने पर मजबूर होंगे। संघ ने इस क्षेत्र में एक व्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, संघ, प्रदेश व स्थानीय स्तर पर लगने वाले ‘तीहरे कर’ (Triple Taxation) की समाप्ति और भन्सार प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई।इसमें प्रदीप केडिया,अशोक वैध,माघव राज पाल,गोपाल केडिया सहित अन्य उद्योगपतियों व्यापारियों ने मुखरता से समस्याओं को उठाया और निदान की मांग की।
बजट का विजन: निजी क्षेत्र को पंख देने की तैयारी
अर्थमन्त्री ने भरोसा दिलाया कि आगामी आर्थिक वर्ष 2027/2028 का बजट प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के सुशासन के संकल्प को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग जैसे निकायों को भंग करना केवल एक ‘टीज़र’ है, असली आर्थिक सुधार अभी बाकी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि निजी क्षेत्र की राह में रोड़ा बनने वाले पुराने कानूनों को या तो संशोधित किया जाएगा या खारेज कर दिया जाएगा। सरकार की शीर्ष तीन प्राथमिकताओं में सुशासन, मध्यम वर्ग का उत्थान और रोजगार सृजन शामिल है।
कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय बैठक और निरीक्षण के दौरान राजस्व सचिव भूपाल बराल, पर्सा क्षेत्र संख्या-1 के सांसद हरि पन्त, वीरगंज भन्सार कार्यालय के मुख्य भन्सार प्रशासक, राजस्व कार्यालय के प्रमुखों सहित बारा और पर्सा जिले के दर्जनों दिग्गज उद्योगपति और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अर्थमन्त्री के इस दौरे ने जहाँ अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है, वहीं तराई के व्यापारिक जगत में नई आशा का संचार किया है।
