Wednesday, March 11

रक्सौल: हिंदू एकता ही सुरक्षा का एकमात्र विकल्प, फायर ब्रांड हिंदू नेता डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए किया सचेत,कहा-‘हिंदू बंटे तो कटेंगे!’

रक्सौल।(Vor desk)। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल के संस्थापक डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने रक्सौल में कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों के बीच अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज को संगठित होने का आह्वान किया। रक्सौल पहुंचने पर संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत के बाद, डॉ. तोगड़िया ने धर्म, इतिहास और वर्तमान की सुरक्षात्मक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शहर के आर्य समाज मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के बीच अपने संबोधन में दो टूक शब्दों में कहा कि यदि हिंदू जातियों में बंटे रहे, तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “हिंदू बंटे तो कटेंगे,” इसलिए हमे एक होना होगा।समाज को एकजुट करने के लिए हर गांव और कस्बे में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन अनिवार्य है।

​डॉ. तोगड़िया ने हिंदू धर्म के प्राचीन वैभव को रेखांकित करते हुए बताया कि सृष्टि के रचयिता भगवान महादेव के नाद ‘ॐ’ से ही संपूर्ण चराचर जगत की उत्पत्ति हुई है। उन्होंने कहा कि आज के मनुष्य मौर्य, यादव, कुशवाहा, पासवान, जाट या पंडित हों, इन सबके पूर्वज एक ही हैं और सृष्टि की शुरुआत से ही हिंदू धर्म अस्तित्व में रहा है। उन्होंने अफसोस जताया कि जो हिंदू समाज कभी विज्ञान, गणित और शून्य की खोज के जरिए पूरी दुनिया का केंद्र था, वह पिछले दो हजार वर्षों से आंधियों से जूझ रहा है। उन्होंने भारत के विभाजन का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के निर्माण को हिंदू समाज की कमजोरी का परिणाम बताया।

​सीमावर्ती क्षेत्रों की संवेदनशीलता को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। डॉ. तोगड़िया ने बिहार के उत्तर बिहार, विशेषकर कटिहार और पूर्णिया का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां की जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन ताकतों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार किए, वे अब बंगाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय हैं। यदि हिंदुओं ने अपनी संख्या और एकता पर ध्यान नहीं दिया, तो अगले 30 से 40 वर्षों में इन क्षेत्रों का स्वरूप पूरी तरह से बदल सकता है।

​पिछले 40वर्ष से राम मंदिर अभियान में जुटे रहेंडॉ. तोगड़िया ने राम मंदिर निर्माण को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, लेकिन साथ ही आगाह किया कि अब बाबर की विचारधारा के वाहक घर-घर में सक्रिय हैं, जो केवल मंदिरों को ही नहीं, बल्कि हिंदुओं के घर और सुरक्षा को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने भारत और नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इसके लिए हर हिंदू को जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने अंत में सभी से आग्रह किया कि हिंदू राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने और आपसी भाईचारे के साथ शक्ति प्रदर्शन करने के लिए सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ में बढ़-चढ़कर भाग लें।

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