
समस्तीपुर/रक्सौल।(Vor desk)।
बिहार पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा (FICN) के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को बड़ा झटका देते हुए NIA के मोस्ट वांटेड अपराधी नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। ₹2 लाख के इनामी नूर मोहम्मद को समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। वह मूल रूप से नेपाल के बारा जिले का निवासी है और लंबे समय से जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा था।

CID के इनपुट पर बुना गया जाल
बिहार सीआईडी को गुप्त सूचना मिली थी कि NIA केस नंबर RC-02/2014/NIA/DLI का मुख्य आरोपी नूर मोहम्मद पटोरी इलाके में संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त है। इस सूचना पर समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने घेराबंदी कर नूर मोहम्मद को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसकी पहचान की पुष्टि की।
नेपाल चुनाव से पहले नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश
पकड़ा गया आरोपी नूर मोहम्मद जाली नोटों के कारोबार में सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहा था। वह सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ बिहार के आंतरिक इलाकों में भी अपना नेटवर्क मजबूत करने की फिराक में था। विशेष रूप से नेपाल चुनाव से ठीक पहले उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
NIA ने लिया ट्रांजिट रिमांड
समस्तीपुर पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद NIA की टीम मौके पर पहुंची। सत्यापन के बाद एनआईए उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है। अब दिल्ली और अन्य केंद्रों पर उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि जाली नोटों के पूरे नेक्सस और इसके तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं, इसका खुलासा हो सके।
बिहार पुलिस की निरंतर सफलता
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर FICN नेटवर्क के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी ₹2 लाख के इनामी सुधीर कुशवाहा और ₹1 लाख के इनामी मो० गुल्टेन अंसारी को गिरफ्तार किया जा चुका है। नूर मोहम्मद की गिरफ्तारी इस कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि है।
“नूर मोहम्मद की गिरफ्तारी से जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय रैकेट की कमर टूटेगी। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर आगे की छापेमारी जारी है।”
— अरविंद प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर
