Saturday, March 7

होली के उल्लास के बीच ‘पोलियो’ पर प्रहार: रक्सौल बॉर्डर पर स्वास्थ्य विभाग का ‘सुरक्षा घेरा

रक्सौल ।(Vor desk)। होली के रंगों के बीच बच्चों की सेहत बेरंग न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने रक्सौल की सीमाओं पर कड़ा ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया है। नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में विशेष पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार से आने वाले संभावित संक्रमण को रोकना है।

मैत्री पुल से बस स्टैंड तक ‘दो बूंद’ का पहरा

​रक्सौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि होली के त्योहार पर नेपाल और अन्य राज्यों से लोगों का भारी आवागमन होता है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए भारत-नेपाल मैत्री पुल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर विशेष ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं। 0 से 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे, इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी मुस्तैद हैं।

पड़ोसी देशों की चुनौतियों पर पैनी नजर

​डॉ. रंजन के अनुसार, “यद्यपि भारत ने पोलियो पर विजय पा ली है, लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में अभी भी यह वायरस सक्रिय है। नेपाल के रास्ते इन देशों से जुड़े लोगों की आवाजाही के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है।” इसी जोखिम को देखते हुए इण्डिया एक्सपर्ट एडवाइजरी ग्रुप (IEAG) की सिफारिश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के मुख्य पहलू:

  • अवधि: 01 मार्च से 06 मार्च 2026 तक चलेगा अभियान।
  • फोकस: बाहर से आने वाले और बिहार से बाहर जाने वाले सभी बच्चे।
  • सुरक्षा: उच्च गुणवत्ता वाली bOPV (Bivalent OPV) वैक्सीन का उपयोग।

आमजन से अपील

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा राजीव रंजन कुमार ने बिहार के बाहर से आने जाने वाले यात्रियों से अपील किया है कि वे सफर के दौरान अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स जरूर पिलाएं। यह छोटी सी सावधानी न केवल उनके बच्चे को, बल्कि पूरे समाज को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!