
रक्सौल।(Vor desk)।लक्ष्मीपुर स्थित एस.ए.वी. स्कूल में शुक्रवार को आयोजित ‘विज्ञान प्रतियोगिता सह प्रदर्शनी’ नन्हे वैज्ञानिकों की रचनात्मकता और आधुनिक सोच की जीवंत गवाह बनी। इस गौरवशाली अवसर पर कक्षा एक से आठ तक के करीब 50 छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक मेधा का अद्भुत प्रदर्शन किया, जिनके द्वारा प्रस्तुत मॉडलों ने उपस्थित विशेषज्ञों को भी हैरत में डाल दिया। प्रदर्शनी का सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय पल चंद्रयान-3 का सार्वजनिक रूप से किया गया सफल परीक्षण रहा, जिसने न केवल बच्चों के कौशल को दर्शाया बल्कि उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों में देशभक्ति और उत्साह का संचार भी कर दिया।

इस प्रदर्शनी की विशेषता यह रही कि यहाँ केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि गहरी सामाजिक संवेदनशीलता का अनूठा संगम देखने को मिला। जहाँ एक ओर विद्यार्थियों ने चंद्रयान के विभिन्न मॉडलों और रमन कुमार द्वारा प्रस्तुत चंद्रयान-3 के जरिए अंतरिक्ष विज्ञान की जटिल बारीकियों को सहजता से समझाया, वहीं दूसरी ओर युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए तैयार किया गया ‘सुसाइड प्रिवेंशन’ प्रोजेक्ट आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा。 सुरक्षा और तकनीक के प्रति अपनी संजीदगी दिखाते हुए छात्रों ने एंटी-थेफ्ट हाउस सिस्टम (चोरी रोकने का तंत्र), भूकंप अलर्ट सिस्टम और रोड सेफ्टी जैसे गंभीर विषयों पर भी अपने अभिनव और व्यवहारिक विचार साझा किए।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल के विख्यात चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार ने बच्चों के प्रोजेक्ट्स का गहन अवलोकन किया। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में रोबोटिक्स, रॉकेट विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई) जैसे भविष्य के विषयों पर काम करना रक्सौल के उज्ज्वल और तकनीकी रूप से समृद्ध भविष्य का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने विशेष रूप से आयुष सिंह के रोबोटिक्स मॉडल, रानी कुमारी के एआई आधारित गेम और समृद्धि श्रेया द्वारा दृष्टिबाधितों के लिए विशेष रूप से बनाए गए ‘ब्लाइंड ग्लासेज’ की मुक्त कंठ से सराहना की。 इसके अलावा आकाश कुमार द्वारा प्रस्तुत ‘कृत्रिम वर्षा’ और आरव कुमार का ‘रॉकेट विज्ञान’ मॉडल भी तकनीकी नवाचार की कसौटी पर उत्कृष्ट पाए गए।


समारोह के भव्य आयोजन के दौरान स्कूल के डायरेक्टर अरविंद कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह और प्राचार्य साइमन रेक्स ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें दोषाला एवं बुके देकर सम्मानित किया।


बच्चों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का एक और परिचय देते हुए मुख्य अतिथि डॉ. सुजीत कुमार को उनकी एक हस्तनिर्मित प्रतिकृति भेंट की। इस सफल आयोजन की सफलता के पीछे वॉयस प्रिंसिपल विक्टर डेका के साथ-साथ शिक्षक कुंदन कुमार सिंह, इंद्र कुमार, मंदीप कुमार, कृष्णा कुमार, नवल गुप्ता, एसपी यादव, अमन कुमार, भुवन सर, अतुल कुमार, वीणा देवी, कंचन देवी और प्रीति गुप्ता जैसे समर्पित गुरुजनों की मार्गदर्शक भूमिका रही।
