Saturday, March 7

रक्सौल अनुमंडलीय अस्पताल में एसडीएम मनीष कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने किया औचक निरीक्षण, बायोमेट्रिक खराब, बेड से चादरें गायब और डॉक्टर नदारद

​रक्सौल।(Vor desk)। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम ने बुधवार को रक्सौल स्थित अनुमंडलीय अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। टीम की जांच में कई ग
खामियां उजागर हुई हैं।

​लापरवाही पर भड़की टीम: हाजिरी में खेल और गंदगी पर नाराजगी
​निरीक्षण के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली खराब पाई गई। जब टीम ने भौतिक उपस्थिति रजिस्टर मांगा, तो अस्पताल कर्मियों द्वारा आनाकानी की गई और देरी से रजिस्टर उपलब्ध कराया गया। इस पर एसडीएम मनीष कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि कार्यशैली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​प्रसव वार्ड (लेबर रूम) के निरीक्षण में पाया गया कि बेडों पर चादरें नहीं थीं और साफ-सफाई की स्थिति भी दयनीय थी।

​दवाओं का संकट और बंद पड़ी सुविधाएं

टीम ने ​फार्मेसी की जांच की। डाटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद इकराम से कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।पूछ ताछ में मरीजों ने शिकायत की कि खांसी की सिरप और लीवोसेट्रीजीन जैसी सामान्य दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इस पर उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन ने स्टॉक शॉर्ट होने का हवाला दिया।कहा कि इंडेंट किया गया है।​मरीजों ने अस्पताल में ईसीजी और इको जांच की सुविधा न होने की भी शिकायत की, जिस पर टीम ने ईसीजी जांच को तत्काल सुचारू करने का निर्देश दिया।इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने पर एसडीओ का पारा चढ़ गया।

​विवादित कर्मी की तैनाती और सुरक्षा पर सवाल
​जांच टीम उस समय हैरान रह गई जब एक्सरे कक्ष में वही विवादित इंचार्ज मेराज ड्यूटी पर तैनात मिला, जिसे पूर्व में एक महिला मरीज का अश्लील वीडियो वायरल होने के प्रकरण में हटाया गया था। पीपीपी मोड पर संचालित ‘ ब्रिज हेल्थ सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ के इस केंद्र में निर्देश के बावजूद महिलाकर्मी की नियुक्ति नहीं होने पर टीम ने संचालकों को जमकर फटकार लगाई।

​जांच के मुख्य बिंदु:
​अनुपस्थिति: ड्यूटी रोस्टर की जांच में एक डॉक्टर बिना सूचना के गायब पाए गए।
​पीएचसी की स्थिति: पीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि परिसर में अनुमंडल अस्पताल होने के कारण यहाँ केवल ब्लॉक स्तर के हेल्थ प्रोग्राम और कोल्ड चेन स्टोर (वैक्सीन मॉनिटरिंग) का संचालन होता है।इस बीच निरीक्षण में पीएचसी के विभिन्न वार्डों में गंदगी देख पीएचसी प्रभारी को साफ-सफाई दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया।

​सराहना: टीम ने नव-स्थापित ब्लड सेपरेटर यूनिट की प्रशंसा की। एसडीएम ने कहा कि इसके पूर्ण संचालन से मरीजों को रक्त के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा।
​जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट
​निरीक्षण दल में एसडीएम मनीष कुमार के साथ बीडीओ जय प्रकाश और रामगढ़वा पीएचसी प्रभारी डॉ. नितेश ध्वज सिंह शामिल थे। एसडीएम ने बताया कि जांच की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जा रही है, जिसके आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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