
रक्सौल (vor desk)। शहर के प्रसिद्ध काली न्यास मंदिर परिसर में काली सेना (राष्ट्रीय) की कार्यकारिणी सदस्यों की पहली औपचारिक बैठक आयोजित की गई। राष्ट्रीय प्रमुख पार्वती तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ग्रामीण और अति पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए घरेलू स्तर पर उड़द दाल और तिसी (अलसी) की तिलौरी का निर्माण शुरू किया जाएगा।
इस पुनीत कार्य में काली मंदिर के पीठाधीश्वर सेवक संजय नाथ महाराज ने अपना पूर्ण सहयोग देते हुए महिलाओं को निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया और उपस्थित सदस्यों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्वती तिवारी ने कहा कि अति पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह एक छोटी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन का लक्ष्य महिलाओं के भीतर छिपे कौशल को पहचान कर उन्हें बाजार से जोड़ना है। बैठक में यह भी तय किया गया कि तैयार किए जाने वाले सभी उत्पाद पूरी तरह शुद्ध, स्वादिष्ट और स्वच्छता के मानकों के अनुरूप होंगे, ताकि गुणवत्ता के आधार पर बाजार में पहचान बनाई जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने संगठन के विस्तार और स्वावलंबन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पूर्णिमा देवी, रिंकू देवी, पूजा देवी, रमकली देवी, आसमा खातून और नीलू देवी सहित काली सेना की दर्जनों महिला सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहीं।
