
रामगढ़वा। (vor desk)। सीमावर्ती क्षेत्रों में पैर पसार रहे साइबर अपराधियों के विरुद्ध रामगढ़वा पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सकरार बहुअरी गांव में छापेमारी कर अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, पासबुक और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए हैं, जो इस गिरोह के अवैध नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह ने बताया कि पुलिस को क्षेत्र में साइबर अपराधियों की सक्रियता की गुप्त सूचना मिली थी। कार्रवाई की शुरुआत में पुलिस ने जुनैद आलम को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ के बाद जुनैद की निशानदेही पर छापेमारी कर आशिफ, मुहम्मद हाफ़िज़ और वसीम को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए अपराधियों ने खुलासा किया कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड सिंहहसनी बिनवलिया निवासी अंकित कुमार (पिता- रामाश्रय महतो) है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार अपराधियों में वसीम अख्तर मुख्य भूमिका निभा रहा था। यह गिरोह व्हाट्सएप के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों का विवरण साझा करता था और बाहर से ठगी की गई राशि को इन खातों में मंगवाता था। इस अवैध ट्रांजैक्शन के बदले गिरोह के सदस्यों को 5 से 10 प्रतिशत तक का मोटा कमीशन मिलता था। अपराधियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था; ये मासूम लोगों को झांसे में लेकर उनसे ओटीपी (OTP) और बैंक डिटेल्स हासिल करते थे और देखते ही देखते चंद मिनटों में उनका खाता साफ कर देते थे।
पुलिस ने अपराधियों के ठिकाने से आईडीबीआई बैंक सहित विभिन्न बैंकों के 6 एटीएम कार्ड, पासबुक, 5 स्मार्टफोन, दो एलईडी मॉनिटर और एक सीपीयू बरामद किया है। इस सफल छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष के साथ एसआई सुमित कुमार, एसआई प्रिया कुमारी और एसआई परमानंद यादव सहित अन्य पुलिस बल शामिल थे। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अपराधी तकनीक का सहारा लेकर आम जनता की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे, जिन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
