
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)।
सीमावर्ती शहर रक्सौल में शनिवार की सुबह मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। कौड़ीहार चौक स्थित सोनी गेस्ट हाउस के समीप एक 27 वर्षीय युवती अत्यंत दयनीय, अर्द्धनग्न और लहूलुहान स्थिति में पाई गई। युवती के शरीर पर मौजूद गहरे जख्म और उसकी मानसिक स्थिति किसी बड़ी अनहोनी और हैवानियत की ओर इशारा कर रही है।
घटना का विवरण: सड़क किनारे मिली बदहवास चांदनी
शनिवार तड़के स्थानीय लोगों ने सोनी गेस्ट हाउस के पास एक युवती को बेसुध पड़े देखा। युवती के शरीर पर कपड़े अस्त-व्यस्त थे और कमर पर एक गमछा बंधा हुआ था। वह नशे की हालत में थी या उसे नशा दिया गया था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन उसकी आंखों का खालीपन और शरीर के घाव उसकी आपबीती सुना रहे थे। स्थानीय ई-रिक्शा चालकों और सजग नागरिकों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही रक्सौल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार के निर्देश पर डायल 112 की महिला हेल्पलाइन टीम सक्रिय हुई। महिला कांस्टेबल आरती कुमारी ने मौके पर पहुंचकर युवती को सुरक्षा प्रदान की और उसे तुरंत अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में ‘स्वच्छ रक्सौल’ संस्था के अध्यक्ष रणजीत सिंह और महिला इंचार्ज साबरा खातून ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अस्पताल में इलाज और पहचान
अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन के नेतृत्व में डॉ. रिजवाना खुर्शीद और डॉ. अजय कुमार की टीम ने युवती का प्राथमिक उपचार शुरू किया। घंटों बेसुध रहने के बाद दोपहर को जब उसे होश आया, तो उसकी पहचान मुजफ्फरपुर के रामबाग निवासी चांदनी (27 वर्ष) के रूप में हुई।
काउंसलिंग में सामने आई बातें:
- मूल निवासी: चांदनी मूलतः भागलपुर की रहने वाली है, लेकिन माता-पिता के निधन के बाद वह अनाथ हो गई थी और मुजफ्फरपुर में रह रही थी।
- वजह: उसने बताया कि वह निजी परेशानियों से तंग आकर ट्रेन पकड़कर रक्सौल पहुंच गई थी।
- लूटपाट की आशंका: युवती का मोबाइल और पर्स गायब है, जिससे उसके साथ लूटपाट और मारपीट की संभावना जताई जा रही है।
चिकित्सीय जांच और रेफरल
सखी वन स्टॉप सेंटर के निर्भय कुमार और अंजू भारती ने पीड़िता की काउंसलिंग की। टीम के अनुसार, युवती मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है और अभी विस्तार से कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है।
“जब युवती को लाया गया, वह पूरी तरह बदहवास थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज और विस्तृत मेडिकल जांच (Medical Examination) के लिए सदर अस्पताल, मोतिहारी रेफर कर दिया गया है।”
— डॉ. स्वाति सपन, अस्पताल उपाधीक्षक
जांच के घेरे में मामला
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि युवती के साथ शनिवार की रात आखिर क्या हुआ था? वह मुजफ्फरपुर से रक्सौल कैसे और किसके साथ पहुंची? शरीर पर मौजूद जख्मों के निशान बलात्कार या क्रूर मारपीट की ओर संकेत कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
