Sunday, March 8

अनिरुद्धाचार्य की कथा को लेकर रक्सौल में सुरक्षा के कड़े पहरे, एसडीएम-एसडीपीओ ने किया हवाई अड्डा मैदान का निरीक्षण

महाकुंभ सा होगा नजारा: एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना, वाटरप्रूफ पंडाल में लगेंगे हीटर

-5फरवरी से11फरवरी तक चलेगा कथावाचन,दोपहर3से शाम 6बजे तक होगी कथा

रक्सौल ।( Vor desk)। सीमावर्ती शहर रक्सौल में आगामी 5 फरवरी से शुरू होने वाली सुप्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा को लेकर प्रशासनिक सक्रियता चरम पर है। शनिवार को एसडीएम मनीष कुमार और एसडीपीओ मनीष आनंद ने कथा स्थल यानी स्थानीय हवाई अड्डा मैदान का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पंडाल निर्माण की प्रगति, सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और संबंधित ठेकेदारों व कारीगरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सुरक्षा का अभेद्य किला बनेगा आयोजन स्थल

​प्रशासन के अनुसार, इस धार्मिक आयोजन में भारत और नेपाल से करीब एक लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ‘परिंदा भी पर न मार सके’ जैसी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

  • दंडाधिकारियों की तैनाती: भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विभिन्न पॉइंट्स पर आधा दर्जन दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
  • सुरक्षा घेरा: हवाई अड्डा प्रवेश गेट, बाईपास फ्लाईओवर के नीचे, सैनिक रोड, सिसवा-भेलाही मार्ग और हवाई अड्डे के पिछले हिस्से (भरतमही-हरैया) में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।

ठंड से राहत के लिए पंडाल में हीटिंग सिस्टम

​फरवरी की ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन समिति द्वारा बनाया जा रहा विशाल पंडाल पूरी तरह से वाटरप्रूफ होगा। अधिकारियों ने बताया कि कड़ाके की ठंड से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए पंडाल के भीतर हीटरों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है ताकि भक्तों को कथा श्रवण में कोई बाधा न आए।

नेपाल से आने वाले भक्तों के लिए रूट मैप तैयार

​निरीक्षण के बाद एसडीएम और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से बताया कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया गया है। खासकर नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए चौक-चौराहों पर विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखते हुए श्रद्धालुओं को एक सुलभ और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है।

“श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा घेरे तक के हर बिंदु पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि आयोजन निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।” > — एसडीएम मनीष कुमार

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